गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षा कर्मियों पर हमले के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी के बारे में नया खुलासा हुआ है। पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले तक मुर्तजा ने कई बैंक खातों में रुपये भेजकर फंडिंग मुहैया कराई थी। इसके अलावा उसके पास से एटीएस को पासपोर्ट भी मिला। मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिमों को पूरी दुनिया परेशान कर रही है।
आतंकी का खुलासा: इस वजह से मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर पर किया था हमला, बोला- मुस्लिमों को किया जाता है परेशान
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सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में अब्बास ने बताया कि 2017 में इंटरनेट पर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखने लगा। यहीं उसको ऐसे विचार आने लगे कि वो जन्नत में है, अल्लाह उससे खफा है। मुर्तजा को लगा कि वो होमो सेक्सुअल है। जब ये बातें घरवालों को पता चलीं, तो उन्होंने इलाज कराना शुरू कराया। डॉक्टरों ने इसे हाइपोमेनिया बीमारी करार दी।
जून 2019 में मुर्तजा की शादी जौनपुर के कटघरा निवासी लड़की से हुई। तीन महीने बाद ही उसका तलाक हो गया। तलाक भी मोबाइल फोन से दिया था। जनवरी 2020 से वह हाईटेक कंप्यूटर कोडिंग सीखने लगा। इसी दौरान एक बार फिर सीरिया के लोगों के संपर्क में आया। उनसे प्रभावित होकर आठ लाख रुपये नेपाली खातों से उन्हें दे दिए। मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिमों को पूरी दुनिया परेशान कर रही है।
अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के चलते वह जिहादी मानसिकता का हो गया। इस बीच नेपाल सीमा पर स्थित संदिग्ध मदरसों में जाकर तकरीरें सुनने लगा। उसने मुजाहिद बनने की ठान ली। उसे लगता है कि अल्लाह की राह पर चलने का एक मात्र यही रास्ता है, काफिरों का सफाया।
मुर्तजा आतंकी और कट्टरपंथियों के वीडियो देखता और उन्हें फॉलो भी करने लगा। इस बीच तकरीरों को सुनकर वह इंटरनेट के जरिए आईएसआईएस और अंसार गजवा-वा तुल जैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया। साथ ही वह इनसे जुड़े लोगों से मिलने के लिए मुंबई, जामनगर, नेपाल और कोयंबटूर जैसे शहरों के साथ देशभर में घूमने लगा।