भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार कोरोना की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में किए जाने पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। 15 नवंबर के बाद ट्रायल होने की बात कही जा रही थी लेकिन अब तक न तो शासन और न ही भारत बॉयोटेक की ओर से कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पटना एम्स में तीसरे चरण का ट्रायल हो सकता है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन की तैयारियां भी ढीली पड़ गई हैं।
गोरखपुर में कोरोना वैक्सीन के परीक्षण पर संशय, आईसीएमआर की ओर से यहां चल रही ट्रायल की तैयारी
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को शासन की ओर से जानकारी दी गई थी कि आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च) व भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार कोवैक्सीन का ट्रायल अक्तूबर में होना है। इसके लिए दो हजार से अधिक वालंटियर की जरूरत होगी। प्राचार्य ने इसके लिए तीन सदस्यीय टीम भी गठित की थी। इसके बाद अक्तूबर में वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी गई। कहा गया कि 15 नवंबर के बाद ट्रायल होगा। लेकिन अब तक कोई सूचना कॉलेज प्रशासन को नहीं दी गई है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि जब तक सूचना नहीं मिलती है वैक्सीन का ट्रायल संभव नहीं है।
दो चरण का ट्रायल हो चुका है गोरखपुर में
भारत बॉयोटेक के कोवैक्सीन के दो चरण का ट्रायल दो बार में गोरखपुर के राणा हास्पिटल में हो चुका है। पहली बार आठ और दूसरी बार 14 वालंटियरों को वैक्सीन लगाई गई थी। उनके स्वास्थ्य की 42 दिन तक निगरानी की गई। स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायत नहीं मिलने पर भारत बॉयोटेक ने तीसरे चरण के ट्रायल के लिए बीआरडी का चयन किया था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि पहले अक्तूबर में ही ट्रायल होना था, लेकिन शासन की ओर से समय और बढ़ा दिया गया था। इसके बाद से अब तक न शासन और न ही भारत बॉयोटेक की ओर से संपर्क किया गया है। ऐसे में ट्रायल के संबंध में सही जानकारी दे पाना संभव नहीं है। अगर शासन अनुमति देगा तो वैक्सीन का ट्रायल मेडिकल कॉलेज में जरूर होगा।