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Excluaive: ज्ञान, ध्यान व शोध की बुनियाद पर पड़ी सिटी ऑफ नॉलेज की नींव, सीएम योगी का सपना भी हुआ साकार
Sun, 29 Aug 2021 11:19 AM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:19 AM IST
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गोरखपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर को एक साथ दो विश्वविद्यालयों की सौगात मिलने से ज्ञान, ध्यान व शोध की बुनियाद पर सिटी ऑफ नॉलेज की नींव पड़ी है। शनिवार को इसके साक्षी हजारों शहरवासी बने। प्राचीन काल से ही गोरखपुर ऐतिहासिक दृष्टि से प्रमुख शहरों में से एक रहा है। बुद्ध, गुरु गोरखनाथ, हनुमान प्रसाद पोद्दार ने इसे ज्ञान और ध्यान की धरा बनाया तो चौरीचौरा की धरती ने जंगे आजादी की लड़ाई को नया मोड़ दिया। शनिवार को इस धरती पर एक नया इतिहास भी लिखा गया।
कार्यक्रम में शामिल राष्ट्रपति, उनकी पत्नी, राज्यपाल और सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दरअसल, रोहिन और राप्ती के संगम पर यह शहर अपने वृहत्तर रूप में ज्ञान, ध्यान और क्रांति की धरती रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अलख जगा रही महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संरक्षक गोरक्षपीठाश्वर एवं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के चलते अब गोरक्षनगरी में चार विश्वविद्यालय हो जाएंगे।
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जहां उच्चशिक्षा के साथ अब रोजगारपकर पढ़ाई शुरू हो रही है वहीं तकनीकी पढ़ाई के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उपलब्ध है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी गोरक्षपीठ की महती भूमिका रही है।
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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
शहर के विस्तार को देखकर विश्वविद्यालयों की स्थापना
अब शहर के हर इलाके में एक विश्वविद्यालय होगा। यह महज संयोग नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच है। जो शहर के बढ़ते विस्तार को देख धरातल पर लाई गई है।
अब शहर के हर इलाके में एक विश्वविद्यालय होगा। यह महज संयोग नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच है। जो शहर के बढ़ते विस्तार को देख धरातल पर लाई गई है।
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आयुष विश्वविद्यालय (ले आउट) और गोरखनाथ विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला।
अब गोरखपुर से सोनौली रोड पर बालापार में महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय है तो भटहट रोड पर आयुष विश्वविद्यालय। वहीं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय शहर के बीचोबीच है तो मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देवरिया रोड पर स्थित है। यानी हर तरफ विश्वविद्यालय होने से जहां उच्चशिक्षा तक पहुंचाना युवाओं के लिए आसान होगा तो विकास को भी धार मिलेगी।