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बापू में गहरी है इस आश्रम की आस्था, 60 साल से यहां खुद सफाई करता है हर सदस्य

Sun, 07 Jun 2020 08:33 AM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 07 Jun 2020 08:33 AM IST
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Story of Golghar Gandhi Ashram Every member clean ashram from 60 years in Gorakhpur
गांधी आश्रम खादी भवन में सफाई करते सदस्य। - फोटो : राजेश कुमार

स्वच्छता के लिए आज जहां जगह-जगह जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सजग करने की जरूरत पड़ रही है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार का पूरा फोकस लोगों में सफाई की अलख जगाने पर है। वहीं गोलघर स्थित गांधी आश्रम के कार्यकर्ता स्वच्छता को लेकर पिछले 60 वर्षों से बेहद संजीदा है। तभी तो इस संस्थान में एक भी सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं हैं।

Story of Golghar Gandhi Ashram Every member clean ashram from 60 years in Gorakhpur
गांधी आश्रम खादी भवन के सामने सफाई करते सदस्य। - फोटो : राजेश कुमार

सभी कार्यकर्ता आपस में मिलजुल कर इसकी साफ सफाई का प्रबंध कर दूसरे लोगों के लिए नजीर पेश करते हैं। उनका कहना है कि सफाई करने में कैसी शर्म गंदगी करने में आनी चाहिए शर्म। इनके जोश और जज्बे को हम भी सलाम करते हैं।

Story of Golghar Gandhi Ashram Every member clean ashram from 60 years in Gorakhpur
गांधी आश्रम खादी भवन। - फोटो : राजेश कुमार

ऐसे स्वच्छता ग्राही अगर हर जगह हों तो गंदगी को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी। आश्रम से जुड़े ज्यादातर कार्यकर्ताओं की उम्र 35-60 वर्ष के बीच की है। भले ही आश्रम के संचालन के लिए किसी को प्रबंधक तो किसी को कैशियर, स्टोर इंचार्ज सरीखी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बांटी गई है, मगर रोजाना सुबह लगभग 40 की संख्या में ये स्वच्छता ग्राही हाथों में झाड़ू और कपड़ा लिए सफाई अभियान में जुट जाते हैं।


 
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Story of Golghar Gandhi Ashram Every member clean ashram from 60 years in Gorakhpur
गांधी आश्रम खादी भवन में सफाई करते सदस्य। - फोटो : राजेश कुमार

तीन मंजिला गांधी आश्रम के साथ साथ ग्रामोद्योग भंडार, चर्म शिल्प भंडार, हर्बल भंडार, खादी भवन समेत बाहर तक की प्रतिदिन सफाई करते हैं। खासबात है कि 1958 में स्थापित इस गांधी आश्रम में कभी भी किसी सफाई कर्मचारी की जरूरत महसूस ही नहीं हुई। सभी सफाई को अपना नैतिक कर्तव्य मानते हुए इसमें जुटे रहते हैं। कपड़े भी आश्रम से जुड़े लोग ही धोते और प्रेस करते हैं।

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Story of Golghar Gandhi Ashram Every member clean ashram from 60 years in Gorakhpur
gorakhpur news - फोटो : राजेश कुमार

गांधी आश्रम के मंत्री विशेषर नाथ तिवारी ने बताया कि स्थापना के बाद से आज तक कभी गांधी आश्रम के लिए सफाई कर्मचारी की जरूरत महसूस नहीं हुई। खुद गांधी जी का जोर स्वच्छता पर था। आश्रम से जुड़े लोगों की उनमें आस्था है। वे बापू के बताए मार्ग पर स्वेच्छा से चल रहे हैं।

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