पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे को होगे खराब...। ये कहावत अब गुजरे जमाने की हो गई है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में रहने वाले नौ साल के शिवात्मक राज पढ़ाई में अव्वल होने के साथ ही खेल के भी नवाब हैं। तभी तो छोटी उम्र में स्कूली नेशनल शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण और जिला शतरंज प्रतियोगिता में खिताब हासिल कर जहां अपने हुनर से सभी का दिल जीता है। वहीं कक्षा एक से चार तक की पढ़ाई में हर साल वो टॉप तीन में जगह बनाने में सफल हुए हैं।
पढ़ाई और खेल दोनों का नवाब है गोरखपुर का ये लाल, जन्मदिन में मिले तोहफे को हुनर बनाकर जीता गोल्ड मेडल
रामगढ़ताल स्थित जेमिनी गारडेनिया में शिवात्मक बैंक मैनेजर पिता अतुलित राज और मां रंजना के साथ रहते हैं। सात वर्ष की उम्र में जब बच्चे कार्टून और वीडियो गेम की कल्पनाओं में खोए रहते हैं, उसी उम्र में शिवात्मक ने शतरंज खेलना शुरू किया। पिता अतुलित राज ने बताया कि बलिया में तैनाती के दौरान शिवात्मक को पहली बार शतरंज कोच दुर्गेश तिवारी ने शतरंज खेलते हुए देखा था। बच्चे की प्रतिभा से वो इतना प्रभावित हुए, कि उसे कोचिंग देना शुरू किया। तब तक उनका ट्रासंर्फर गोरखपुर हो गया। यहां आए तो कोच के रूप में शशि प्रकाश का आर्शीवाद मिला। कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से शिवात्मक ने शतरंज में अंतरराष्ट्रिय रेटिंग भी हासिल की। मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरनगर के रहने वाले शिवात्मक जीडी गोयनका स्कूल में कक्षा चार के छात्र हैं।
बैडमिंटन से भी है लगाव
शिवात्मक शतरंज के साथ बैडमिंटन खेलने का भी शौक रखते हैं। शतरंज से फुर्सत मिलने पर वो अक्सर बैडमिंटन में हाथ आजमाते हैं। उनके पसंदीदा खिलाड़ी शतरंज के मिखाइल ताल और विश्वनाथन आनंद हैं। उनका सपना चेस में देश के लिए पदक हासिल करने का है।
जन्मदिन पर मिली थी पहली चेस
सात साल की उम्र में उनके जन्मदिन पर पहली बार शिवात्मक को किसी दोस्त ने शतरंज गिफ्ट दिया था। सभी के वहां से जाने के बाद जब एक- एक कर शिवात्मक ने गिफ्ट खोलना शुरू किया तो पहली बार उन्होंने चेस को देखा। सभी तोहफे तो उनकी समझ में आ जाए, मगर बोर्ड पर घोड़े, ऊंट और हाथी का क्या काम है ये वो समझ न सके। पिता ने बेटे की दुविधा का निदान किया। उन्हें चेस खेलना सिखाया, थोड़े पारंगत हुए तो कोच ने खेल को निखारा।
ये हैं उपलब्धियां
जिला शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-13 और अंडर-15 वर्ग में विजेता
सीबीएसई जोनल शतरंज प्रतियोगिता अंडर-9 वर्ग में स्वर्ण पदक
राज्य स्तरीय अंडर-9, अंडर-13 वर्ग में हिस्सा लिया