तीन साल पहले इस खास सर्वे में हुआ था बड़ा खुलासा, 'डिजिटल जहर' पर नियंत्रण की दी गई थी सलाह

राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 02 Mar 2021 04:33 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर।
1 of 6
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने अब सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए गाइडलाइंस बनाई है, जबकि तीन वर्ष पहले राष्ट्रीय विधि आयोग और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल जैसी संस्थाओं ने सोशल मीडिया पर प्रभावी नियंत्रण की सलाह दी थी। मेट्रो शहरों में 235 परिवारों पर हुए सर्वे में देखने को मिला था कि अधिकतर लोगों की पहली पसंद सोशल मीडिया बन गया है। युवाओं का तो इसके बिना समय ही नहीं कटता। अधिकतर युवा सुबह की चाय के साथ ही सोशल मीडिया से चिपक जाते हैं।
प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा।
2 of 6
सोशल मीडिया पर नियंत्रण का जिक्र दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं राजनीतिक अध्ययन के विभागाध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा के शोधपत्र में किया गया है। यह शोध वर्ष 2018 में नॉन ट्रेशिनल सिक्योरिटी चैलेंजेज नामक पुस्तक में प्रकाशित हो चुका है। शोध में प्रो. सिन्हा ने देश व विदेश की तमाम घटनाओं का उल्लेख कर सोशल मीडिया के खतरों के प्रति आगाह किया है। उन्होंने डिजिटल जहर पर नियंत्रण की सलाह दी थी। कहा था कि सामाजिक विद्वेष फैलाने में सोशल मीडिया काफी मुफीद हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
3 of 6
पांचवें रणक्षेत्र में प्रचार-युद्ध की नवीन चुनौतियां शीर्षक से प्रकाशित शोधपत्र में प्रो. सिन्हा ने जिक्र किया है कि मीडिया महज सूचना और मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि हमलावर सेना की भूमिका अदा कर रहा है। सोशल मीडिया इस सेना की सबसे संघातिक टुकड़ी है, क्योंकि इसमें हमलावर अदृश्य है, अराजक है और अनियंत्रित है। शोधपत्र के मुताबिक यूएनओडीसी की रिपोर्ट में फेसबुक के साथ ट्विटर, यूट्यूब और फाइल शेयरिंग को खतरनाक बताया गया है। कहा गया कि इंटरनेट सर्च मशीनों के इंडेक्स आतंकवादी विषय वस्तुओं की खोज को आसान बना देते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
4 of 6
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, बंगलूरू में 235 परिवारों पर सर्वेक्षण किया था। करीब 80 फीसदी प्रतिभागियों ने माना था कि 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की अपेक्षा परिवार के युवा सदस्य सुबह की चाय के साथ ही विभिन्न सोशल साइटों पर जुटे रहते हैं।
 
अब 70 करोड़ लोग देखते हैं टीवी
वर्ष 2018 के शोधपत्र के आंकड़ों के मुताबिक बहुत सारा ट्रैफिक खासकर टीवी देखने वाले दर्शकों का स्मार्ट फोन, टैब की तरफ जा रहा है। नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, अमेजॉन जैसे कई विकल्प हैं, जो युवाओं को खासतौर से लुभा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
5 of 6
फेसबुक इस्तेमाल में भारत पहले स्थान पर
भारत में 24 करोड़ से ज्यादा फेसबुक इस्तेमाल करने वाले लोग हैं। यह संख्या में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है। वर्ष 2018 में 20 करोड़ यूजर्स थे। दुनिया में करीब 250 करोड़ यूजर्स हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00