चार दिन पहले तक जो राप्ती तट रात में रोशनी से जगमगा रहा था, शनिवार को वह घुप अंधेरे में डूब गया। यानि, चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वाली कहावत राप्ती घाट पर चरितार्थ हो गई। ऐसा हुआ इसलिए क्योंकि उद्घाटन कार्यक्रम के लिए लिया गया अस्थायी बिजली कनेक्शन नियमित नहीं करवाया गया। शनिवार को बिजली विभाग ने अस्थायी कनेक्शन काट दिया।
यूपी: चार दिन पहले रंग- बिरंगी लाइटों से जगमगा रहा था राप्ती तट, जानिए क्यों अचानक अंधेरे की आगोश में समाया
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मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से राप्ती तट के दोनों ओर बनाए गए गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट के अलावा अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल का उद्घाटन किया था। इस दौरान राप्ती तट रोशनी से जगमग किया गया था। बिजली की लड़ियों से सजे 'गजीबो' और 'पालकी' कुछ अलग ही छटा बिखेर रहे थे। शनिवार को जब कुछ लोग परिवार के साथ रात में राप्ती तट पर घूमने आए तो वहां पर घुप अंधेरा देखकर हैरान रह गए। लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि चार दिन पहले तक रोशनी से जगमग रहने वाली जगह अचानक अंधेरे की आगोश में कैसे चली गई?
इसकी जानकारी होने पर अमर उजाला ने पड़ताल की तो मालूम चला कि राप्ती तट पर बने गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट के लिए फिलहाल बिजली का स्थायी कनेक्शन नहीं लिया गया है। सिंचाई विभाग ने मंगलवार को कार्यक्रम वाले दिन जो बिजली का कनेक्शन लिया था, उसे नियमित न कराने की वजह से बिजली विभाग ने काट दिया। वहीं, घाटों का निर्माण करने वाले सिंचाई विभाग का कहना है कि अभी घाट नगर निगम को हैंडओवर नहीं किए गए हैं। जब घाटों को नगर निगम को सौंप दिया जाएगा, तो वह स्थायी कनेक्शन ले लेगा। इस तरह रखरखाव की जिम्मेदारी तय नहीं होने से तट पर आने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं, कुछ लोग तटों को गंदा भी कर रहे हैं।
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए कनेक्शन लिया गया था। प्रोजेक्ट में बिजली के कनेक्शन का प्रावधान नहीं है, केवल निर्माण कार्य की जिम्मेदारी थी। जिसे तकरीबन पूरा कर लिया गया है। अब हमें बिजली की जरूरत नहीं है। जब नगर निगम को हैंडओवर किया जाएगा तो वही कनेक्शन लेगा।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता नवनीत प्रजापति ने बताया कि केवल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए कनेक्शन दिया गया था। कार्यक्रम के बाद से किसी भी विभाग की ओर से कनेक्शन के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। डीएम समेत अन्य अधिकारियों को सूचना देते हुए कनेक्शन काट दिया गया है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि निर्माण कार्य कराया जा रहा है, ऐसे में बिजली विभाग में नियमानुसार कनेक्शन के लिए आवेदन कर दें।