शायर नियाज कपिलवस्तुवी की पंक्तियां 'सबके सुख दुख में जो होता शामिल नहीं, आदमी कहने के भी वो काबिल नहीं, अच्छे कामों से होता बड़ा आदमी, वो बड़े क्या कि जिनमें बड़ा दिल नहीं' सिद्धार्थनगर के रोवापार गांव निवासी 12 वर्षीय विकास पर सटीक बैठती है।
अजनबी चेहरे का दर्द देखकर हमदर्द बना 'विकास', दर-दर की ठोकर खा रहे दिव्यांग का सहारा बना पूरा परिवार
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 05 Mar 2021 07:12 PM IST
सार
- तीन माह पूर्व भटकर पहुंचे दिव्यांग शंकर के जीने का बना सहारा विकास
- रोवापार निवासी 12 वर्षीय विकास ने पेश की मानवता की मिसाल
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