लॉकडाउन की मार हर किसी पर पर पड़ी है। चाहे वह अमीर हो या गरीब। मुस्लिमों का सबसे बड़ा पर्व ईद करीब है। बहुत सारे रोजेदार बंदे मायूस हैं। लॉकडाउन की वजह से राशन तक नहीं जुटा पा रहे हैं। जरुरतमंदों के पास सेंवई खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। मायूसी के बीच आशा की किरण बने हैं शहर के कुछ नौजवान। जो ईद के मौके पर जरूरतमंदों तक सेंवई और राशन पहुंचाकर उन मायूस चेहरों पर मुस्कान लाने की कोशिश कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला।
हमदर्द सोसाइटी से जुड़े युवा जरूरतमंद परिवारों में राशन के साथ एक किलो सेंवई, एक किलो चीनी, 250 ग्राम घी, 100 ग्राम मिक्स मेवा शहर के विभिन्न मुहल्लों में बांट रहे हैं। इन्होंने करीब नौ सौ परिवारों में राशन के साथ ईद किट बांटने का लक्ष्य रखा है। इस सोसाइटी के सदस्यों में नेहाल अहमद, अतहर खान, कमरूल हसन, सैयद असीम हुसैन, नूर मोहम्मद, फराज अहमद, मो. असलम, मो. साबिर, अजीम अफाक, इरफान खान, शहजाद अहमद, जमीर अहमद, शिराज आलम शामिल हैं।
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रेलवे स्टेशन व्यापार मंडल अध्य्क्ष शमशाद खान उर्फ भोला, शाकिर अली सलमानी व अन्य सहयोगी भी लोगों को रोशन मुहैया कराकर राहत पहुंचा रहे हैं। बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर की अली बहादुर शाह वेलफेयर सोसाइटी ने 100 जरूरतमंद परिवारों में ईद किट बांटी है। किट में तीन पाव सेंवई, एक किलो चीनी, एक किलो दाल, पांच-पांच किलो चावल, आटा, आलू, प्याज, एक किलो तेल, मसाला आदि है। किट रहमतनगर, मिर्जापुर, इलाहीबाग आदि जगहों के जरुरतमंद परिवारों में बांटी गई।
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कमेटी के अली गजनफर शाह ने बताया कि रमजान के तीन अशरे के हिसाब से तीन सौ परिवारों को राशन को बांटने का लक्ष्य रखा गया। रहमत के अशरे में 100, मगफिरत के अशरे में 100 व जहन्नम से आजादी के अशरे में 100 जरूरतमंद परिवारों में राशन का सामान बांटा गया है। कमेटी लॉकडाउन से ही जरूरतमंद परिवारों में राशन पहुंचा रही है। इस काम में जुबैर अतहर, अली नुसरत शाह, शानू हक, अलमीन, राशिद मुस्तफा, रेहान आदि महती भूमिका निभा रहे है।
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रसूलपुर में पासबान वेलफेयर लीग के युवा ईद के मौके पर राशन के साथ ईद किट भी बांट रहे हैं। लीग के मो. शाकिब ने बताया कि करीब 1400 परिवारों में किट पहुंचाई जा रही है। इस काम में करीब 10 से अधिक नौजवान लगे हुए हैं। रेलवे कर्मचारी फिरोजुल हक भी करीब सौ जरूरतमंद परिवारों में ईद किट बांट रहे हैं। इसके अलावा शहर में बहुत सारे युवा अपने स्तर से जरूरतमंदों की मदद कर मायूस चेहरों पर मुस्कान ला रहे हैं।