गोरक्षपीठाधीवश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने बतौर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तीन साल का कार्यकाल बृहस्पतिवार को पूरा कर लिया है। इन तीन सालों में गोरखपुर की तस्वीर बदल गई। गोरखपुर के राजघाट को ऐसा बनाया जा रहा है जिसे देखकर बरबस ही वाराणसी के घाटों की याद आ जाए। रोजगार की संभावना बढ़ेगी। विकास की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच सितारा होटलों की चेन गोरखपुर में खुल रही है।
तीन साल में बदल गई गोरखपुर शहर की तस्वीर, यहां देखें सीएम योगी के खास 19 काम
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सुंदर होंगे घाट, बढ़ेंगी सुविधाएं
सिंचाई विभाग भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। तरकुलानी रेग्युलेटर का निर्माण जल्द पूरा होगा। इससे 50 गांवों को जलभराव व बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगी। 40 करोड़ की लागत से बनने वाले रेग्युलेटर की लागत बढ़कर अब 84.86 करोड़ हो गई है। निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा होगा।
- राजघाट पर स्नान घाट का निर्माण 18 करोड़ की लागत से शुरू हुआ। महिला-पुरुष के लिए चेंजिग रूम से लेकर बैठने के लिए सुंदर स्थान बन रहा है। नदी तक सीढ़ियों का निर्माण पत्थर से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री इसका निरीक्षण करने आए तो घाट की लंबाई 100 मीटर से बढ़ाकर 150 मीटर कर दी गई। इससे लागत आठ करोड़ और बढ़ गई। नगर निगम की तरफ से अंत्येष्ठि स्थल भी बनवाया जा रहा है। इसपर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
- राजघाट के दूसरे छोर (नौसड़ की तरफ) राम घाट का निर्माण कराया जा रहा है। 100 मीटर लंबा घाट का निर्माण हो रहा है। इस पर 15 करोड़ की लागत आएगी। दिसंबर तक काम पूरा होगा।
गोरखनाथ मंदिर : पानी पर दिख रही नाथ पंथ की महिमा
गोरखनाथ मंदिर के पौराणिक भीम सरोवर में शुरू हुए लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से हर रोज सैकड़ों लोग नाथ पंथ की महिमा से रूबरू हो रहे हैं। फसाड लाइट से मंदिर की चमकती छटा लोगों को लुभा रही है। ग्रेनाइट और टाइल्स से मंदिर की सुंदरता और निखर गई है। मंदिर परिसर में पर्यटकों के ठहरने के लिए जल्द ही पर्यटक आवास बनाने की तैयारी है।
संवारी जा रहीं आध्यात्मिक धरोहरें
गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों की आध्यात्मिक धरोहरों को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने योजनाएं बनाई हैं। कुछ स्थानों पर कार्य शुरू हो गया है तो कुछ को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत बुढ़िया माई, तरकुलहा देवी, कालीबाड़ी मंदिर, मोहद्दीपुर गुरुद्वारा, सूरजकुंड धाम, मानसरोवर, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, मुंजेश्वरनाथ, झारखंडी मंदिर, ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च, जटाशंकर गुरुद्वारा समेत अन्य प्राचीन मंदिरों के कायाकल्प के लिए काम किया जाएगा।
चमकाए जा रहे शहीद स्थल
जिले के शहीद स्थलों को सहेज कर सजाने-संवारने का कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद बंधु सिंह स्मारक और चौरीचौरा शहीद स्मारक को चमकाने का कार्य अंतिम चरण में है। शासन ने इन धरोहरों के सुंदरीकरण के लिए दूसरी किस्त जारी कर दी है।