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ज्ञान की बात: जनकपुर लौटते समय 'भगवान परशुराम' ने यहां किया था विश्राम, पढ़िए इस मंदिर की कहानी

Fri, 16 Jul 2021 03:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Fri, 16 Jul 2021 03:31 PM IST
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Special Story Of Bhagwan Parshuram Dham When he Rested In Sohnag temple of Deoria
सोहनाग में स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सलेमपुर तहसील क्षेत्र का सोहनाग कस्बा 'परशुराम धाम' के नाम से जाना जाता है। यहां भगवान परशुराम ने जनकपुर से लौटते समय विश्राम किया था। काफी दिनों तक उन्होंने यहां तप साधना भी की थी। तभी से इस स्थान का धार्मिक व पौराणिक महत्व बढ़ गया। अक्षय तृतीया के दिन यहां मेला लगता है।


बताया जाता है कि पहले यहां घना जंगल हुआ करता था। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने जब जनकपुर में धनुष तोड़ा तो भगवान परशुराम जनकपुर वायु मार्ग से पहुंच गए। जनकपुर में लक्ष्मण-परशुराम के बीच संवाद हुआ। उसके बाद उन्होंने वहां से लौटते समय सलेमपुर के निकट रास्ते में सोहनाग में जंगल को देख रात्रि विश्राम किया।

जंगल व प्राकृतिक छटा को देखकर वह आकर्षित हुए। उसके बाद काफी दिनों तक सोहनाग जंगल में रहकर तप किया। इस स्थान पर आज भी जंगल है।
Special Story Of Bhagwan Parshuram Dham When he Rested In Sohnag temple of Deoria
सोहनाग में स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
मंदिर के बगल में पर्यटन विभाग द्वारा बहुद्दशीय भवन बनाया गया है। पर्यटन विभाग की तरफ से पोखरे तक इंटर लॉकिंग सड़क बनाई गई है।
Special Story Of Bhagwan Parshuram Dham When he Rested In Sohnag temple of Deoria
सोहनाग में स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
सरोवर में स्नान करने से ठीक होते हैं चर्मरोग
सोहनाग में भगवान परशुराम के मंदिर के बगल में 10 एकड़ भूमि में सरोवर है। जिसका धार्मिक महत्व है। कहा जाता है कि कई सौ वर्ष पूर्व नेपाल के राजा सोहन तीर्थाटन को निकले थे।
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Special Story Of Bhagwan Parshuram Dham When he Rested In Sohnag temple of Deoria
सोहनाग में स्थित घना जंगल। - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने इसी स्थान पर विश्राम किया था। सरोवर के पानी से शरीर का स्पर्श हुआ तो उनका कुष्ठ रोग समाप्त हो गया।
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Special Story Of Bhagwan Parshuram Dham When he Rested In Sohnag temple of Deoria
सोहनाग में स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
इसके बाद उन्होंने पोखरे की खुदाई कराई। जिसमें भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका, पिता जमदग्नि, भगवान विष्णु की पत्थर की मूर्ति मिली। उन्होंने मंदिर का निर्माण कराया। राजा सोहन के नाम पर इस स्थान का नाम सोहनाग हो गया।
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