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पृथ्वी के पास से गुजरेगा माउंट एवरेस्ट जितना बड़ा खगोलीय पिंड, हैरान कर देगी इसकी गति

Thu, 23 Apr 2020 02:56 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 23 Apr 2020 02:56 PM IST
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Special celestial bodies photos on sky 29 april in gorakhpur
astronomical event - फोटो : Social media

29 अप्रैल को एक अनोखी खगोलीय घटना ब्रह्मांड में होने जा रही है। माउंट एवरेस्ट की आधी ऊंचाई के बराबर एक बड़ा खगोलीय पिंड (क्षुद्रग्रह) पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है। नासा ने स्पष्ट किया है कि ये पहाड़ी चट्टान पृथ्वी से किसी भी सूरत में टकराने वाली नहीं है।



4.1 किलोमीटर (व्यास) जितना चौड़ा ये खगोलीय पिंड सुबह 4:56 बजे 31320 प्रति घंटे की गति से पृथ्वी के पास से गुजरेगा। उस समय यह धरती से 3.9 मिलियन माइल्स दूर होगा। जो पृथ्वी और चंद्रमा के बीच स्थित 3.84 लाख किलोमीटर दूरी से 16 गुना अधिक होगी।
 

इस खगोलीय घटना को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता

Special celestial bodies photos on sky 29 april in gorakhpur
astronomical event - फोटो : Social media

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय घटना को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता है। टेलीस्कोप की मदद से ही लोग इसे देख सकते हैं। अमेरिका की अंतरिक्ष शोध अनुसंधान एजेंसी (नासा) को इस खगोलीय पिंड के बारे में साल 1998 में ही पता चल गया था। इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसका नाम 52768 और 1998 ओआर-2 दिया है। इसकी कक्षा चपटे आकार की है। 1998 से वैज्ञानिक इसका लगातार अध्ययन कर रहे हैं।

3.9 मिलियन माइल्स की दूरी को पृथ्वी के करीब क्यों बता रहे वैज्ञानिक

Special celestial bodies photos on sky 29 april in gorakhpur
astronomical event - फोटो : Social media

ब्रह्मांडीय दूरी को खगोलीय इकाई में नापा जाता है। एक खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी यानी 150 मिलियन किलोमीटर के बराबर होती है। 29 अप्रैल को होने वाली खगोलीय घटना की दूरी पृथ्वी से 3.9 मिलियन माइल्स ही है। जो खगोलीय इकाई के मुताबिक काफी कम है।

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क्या है खगोलीय पिंड

Special celestial bodies photos on sky 29 april in gorakhpur
astronomical event - फोटो : Social media

4.5 अरब साल पहले जब सौरमंडल का निर्माण हुआ तो कई ऐसे खगोलीय पिंड थे जो ग्रह का आकार नहीं ले सके। खरबों की संख्या में ये खगोलीय पिंड मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच स्थित खगोलीय बेल्ट में पाए जाते हैं। अपने अनियमित आकार में ग्रहों से छोटे और उल्का पिंडो से बड़े होने की वजह से इन्हें हम छोटे ग्रहीय खगोलीय पिंड भी कह सकते हैं। ये भी सौरमंडल में दूसरे ग्रहों की तरह सूर्य के चक्कर लगाते हैं। ये प्राय: तीन प्रकार के होते है। सी टाइप, एस टाइप और एम टाइप। 29 अप्रैल वाला खगोलीय पिंड एस टाइप का है। इनके पृथ्वी से टकराने की संभावना 20 मिलियन सालों में एक बार बनती है।

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59 साल के बाद फिर पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा खगोलीय पिंड

Special celestial bodies photos on sky 29 april in gorakhpur
astronomical event - फोटो : Social media
खगोलविद ने बताया कि इस खगोलीय पिंड से घबराने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन आज से ठीक 59 साल बाद यानी वर्ष 2079 में इसी लघु ग्रह के पृथ्वी के निकट आने की संभावना है। वैज्ञानिकों ने इसकी गणना की है। इसके अनुसार, यह 16 अप्रैल 2079 को हमारी धरती के पास से फिर गुजरेगा तब धरती से इसकी दूरी मात्र एक मिलियन माइल्स की होगी।
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