एक दरियाई घोड़ा, छह मगरमच्छ समेत कानपुर चिड़ियाघर से लाए जा रहे दस जानवर शनिवार यानी आज रात तक शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान, गोरखपुर पहुंच जाएंगे। शुक्रवार देर शाम दो ट्रकों से दरियाई घोड़ा, मगरमच्छों के अलावा दो लाल मुंह के बंदर व एक लकड़बग्घा कानपुर से रवाना किए गए।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
कानपुर चिड़ियाघर के डायरेक्टर सुनील चौधरी ने बताया कि दूसरी शिफ्ट में दस जानवर व तीसरी में 15 मार्च तक बीस पक्षियों को गोरखपुर जू भेजा जाएगा। उधर, लखनऊ से लाए गए वन्य जीवों को गोरखपुर चिड़ियाघर में क्वारंटीन किया गया है। लखनऊ प्राणि उद्यान से गुरुवार की रात 11:30 बजे दो घड़ियाल, दो हॉग डियर, चार टार बार्किंग डियर लाए गए थे।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
फिलहाल सभी वन्य जीवों को केंद्रीय प्राणि उद्यान के निर्देशानुसार क्वारंटीन किया गया है। जैसे-जैसे इनकी समयावधि समाप्त होगी इन्हें बाड़ों में लाना शुरू कर दिया जाएगा। लखनऊ प्राणी उद्यान से लाए गए जानवरों को जब पिंजरे से नीचे उतारने के लिए मोबाइल फोन की लाइट जलाई गई तो वन्य जीव बाहर ही नहीं आ रहे थे। इसके बाद प्राणि उद्यान, निर्माण निगम की टीम ने उनकी सुविधानुसार पिंजरे से नीचे उतारना शुरू किया।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
उपप्रभागीय वन अधिकारी प्राणि उद्यान संजय कुमार मल्ल ने बताया कि सभी वन्य जीवों को क्वारंटीन किया गया है। वन्य जीवों को प्राणि उद्यान में उतारे जाने के दौरान निदेशक डॉ. एच राजा मोहन, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, योगेश प्रताप सिंह, राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर डीबी सिंह, उप प्रभागीय वन अधिकारी संजय मल्ल, उप अजय तिवारी, चंद्रभूषण पासवान, वन दरोगा रोहित सिंह, वन्य जीव रक्षक शैलेश कुमार गुप्ता, नीरज सिंह, आरएनएन से राजू गुप्ता, नीरज सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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गोरखपुर चिड़ियाघर में मौजूद जानवर।
- फोटो : अमर उजाला।
पूर्व में लाए गए हैं ये वन्य जीव
विनोद वन से दो चीतल (स्पाटेड डियर), दो हॉग डियर के साथ लखनऊ प्राणी उद्यान से एक बाघ, एक तेंदुआ, एक साही, घड़ियाल पुनर्वास केंद्र उत्तर प्रदेश लखनऊ से नौ कछुए लाए जा चुके हैं। इसके अलावा एक जंगल कैट, दो सियार, दो रसल वाइपर, दो अजगर लाए गए हैं। लखनऊ प्राणी उद्यान से प्रथम चरण में कुल 44 वन्यजीव लाए जाने हैं।