संतकबीरनगर के टेमा रहमत स्थित एक अस्पताल में 22 वर्षीय नर्स की हुई सनसनीखेज हत्या का खुलासा बुधवार को हो गया। पुलिस के अनुसार, हत्या अस्पताल संचालक रामजी राव ने ही की थी। ऐसा उसने नर्स के किसी युवक से फोन पर बात करने से नाराज होकर किया।
वहीं पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट मृतका के परिजनों ने बस्ती स्थित गांव पर हंगामा किया और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। परिवार वालों ने दुष्कर्म की आशंका भी जताई।
जानकारी के अनुसार परिवार के लोग बुधवार सुबह शव लेकर बस्ती के सेमरियांवा रोड पर कोड़रा के पास प्रदर्शन करने पहुंच गए। नाराज लोगों का कहना था कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलेगी तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
2 of 11
संतकबीर नगर में नर्स की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
समझाने के बाद माने परिजन
मौके पर खलीलाबाद कोतवाली व पुरानी बस्ती थाने की पुलिस के साथ सांसद रामप्रसाद चौधरी और विधायक राजेंद्र चौधरी भी पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्ट रिपोर्ट में गला दबाने और गले की हड्डी टूटने से मौत होने की बात आई है। सभी के काफी समझाने-बुझाने और समुचित कार्रवाई के आश्वासन पर लोगों ने शव को बाग में दफनाने का फैसला लिया।
3 of 11
नर्स की हत्या के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
'दुष्कर्म के बाद बेटी की हत्या हुई है'
मृतका की मां ने का आरोप है कि दुष्कर्म के बाद बेटी की हत्या हुई है। चेहरे, गाल, गले में नाखूनों के निशान उन्होंने खुद देखा है। अगर निष्पक्ष जांच हुई तो अस्पताल के दूसरे स्टाफ सहित कई दोषी मिलेंगे। लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। नर्स के बाबा ने भी पुलिस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट छिपाने का आरोप लगाया।
4 of 11
इसी अस्पताल में हुई नर्स की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
डीवीआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
नर्स हत्याकांड में आरोपी तक पहुंचने में अस्पताल का डीवीआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट खुलासे की वजह बनी। जब नर्स की मौत हुई थी उस समय का डीवीआर बंद पाया गया था। इसके साथ ही रात में भी डीवीआर बंद मिला था। इससे पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने का मामला आया। पुलिस ने अस्पताल संचालक को हिरसात में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला खुल गया।
5 of 11
आरोपी अस्पताल संचालक
- फोटो : अमर उजाला
संचालक के पास था का मोबाइल
एसपी सत्यजीत गुप्त ने बताया कि नर्स का मोबाइल संचालक के पास से बरामद किया गया है। मोबाइल को सर्विलांस जांच के लिए भेजा गया है, ताकि व्हाट्सएप में जो भी मैसेज हो उसे रिकवर किया जा सके। इसमें जो भी लोग संलिप्त होंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।