बढ़ गया है कोरोना का खतरा: नए स्ट्रेन की जांच के लिए केजीएमयू भेजे गए सैंपल
मुंबई सहित अन्य राज्यों से आने वाले लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर हैं। इन लोगों की जांच प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में मुंबई से आने वाले दो लोग जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद विभाग ने ट्रैवेल हिस्ट्री के आधार पर दोनों के नमूनों को आगे की जांच के लिए केजीएमयू भेजा है। इनकी जीनोम सीक्वेसिंग होनी है। इससे नए स्ट्रेन का पता भी चल जाएगा।
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि केजीएमयू में सैंपल ज्यादा होने की वजह से जांच में देरी हो रही है। पश्चिमी यूपी से ज्यादा सैंपल केजीएमयू में आ गए हैं। इसकी वजह से रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है।
बाहर से आने वाले कुछ लोगों के सैंपल भेजे जाएंगे केजीएमयू
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक, देश के आठ प्रदेशों में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन मिले हैं। ये अधिक संक्रामक बताए जा रहे है। यही वजह है कि मुंबई सहित छह राज्यों और यूके, ब्राजील, साउथ अफ्रीका आदि देशों से आने वाले लोगों के कुछ प्रतिशत नमूने जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जा रहे हैं। जिससे समय रहते नए स्ट्रेन का पता लग सके।
कैपिलरी सीक्वेंसर मशीन से कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगता है। यह मशीन बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नहीं है। यही वजह है कि नए स्ट्रेन की जांच के लिए नमूने केजीएमयू लखनऊ या फिर बीएचयू वाराणसी भेजे जा रहे हैं। डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि आरटीपीसीआर मशीन से जीनोम सीक्वेसिंग नहीं की जा सकती है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। लेकिन अब तक नया स्ट्रेन नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए दो मरीजों के नमूने जांच के लिए केजीएमयू भेजे गए हैं। रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।