11 महीने के बाद फिर परिषदीय और निजी स्कूलों में नन्हें कदम लौटे हैं। कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे। आज से फिर कक्षाएं विद्यार्थियों के आने से गुलजार हो गईं। लंबे समय बाद स्कूल में आए विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाने के लिए स्कूलों में उत्सव मनाया जा रहा है। स्कूलों को फूल, गुब्बारों, झंडियों और रंगोली से सजाया गया है। कई विद्यालयों में चॉकलेट, टॉफी और तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया।
यूपी: 11 महीने बाद फिर स्कूलों में लौटे नन्हें कदम, खास अंदाज में किया गया विद्यार्थियों का स्वागत
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महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) विजय किरण आनंद की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराएं। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रिनिंग के साथ ही प्रवेश दिया गया। महानिदेशक ने बताया कि प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान के तहत एक किताब तैयार कर स्कूलों में भेजी गई है। इसमें उपचारात्मक शिक्षण के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। विद्यार्थियों के ज्ञान के स्तर को इसकी मदद से बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों के छोटे समूह बनाकर कोविड-19 महामारी के अनुभवों को कहानी के रूप में प्रस्तुत कराया जाएगा। मिड डे मील में बच्चों की पसंद का नाश्ता व भोजन परोसा जाएगा। विद्यालय में रचनात्मक क्रियाकलाप पर जोर दिया जाएगा। मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग व क्राफ्ट बनाना सिखाया जाएगा।
प्राइवेट स्कूलों ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए पहले ही कमर कस ली थी। गेट के अंदर प्रवेश के दौरान हर विद्यार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। वहीं स्कूल में मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। स्कूल परिसर में जगह-जगह हैंड सैनिटाइज कराने की व्यवस्था की गई है। टिफिन, कॉपी किताब, पानी की बॉटल, पेन, पेंसिल तक की शेयरिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 50 फीसदी उपस्थिति के साथ अभिभावकों की अनुमति से ही बच्चों को स्कूल बुलाया गया है।