गोरखपुर जनपद में बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर नीचे आने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को बढ़ रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार यह काफी धीमी रफ्तार से नीचे आने लगा है। राप्ती नदी के जलस्तर में 24 घंटे में दो सेमी की कमी दर्ज की गई है। लेकिन, पानी अब भी खतरे के निशान से 1.11 मीटर है। इस कारण राप्ती नदी के तटवर्ती इलाकों में स्थिति विकट बनी हुई है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि अभी दो दिन बाद राप्ती के घटने की रफ्तार बढ़ सकती है।
Gorakhpur Flood: 24 घंटे में दो सेंटीमीटर कम हुआ राप्ती का जलस्तर, अब भी 45 गांव पूरी तरह बाढ़ से घिरे
सरयू नदी अयोध्या में खतरे के निशान से 43 सेमी नीचे आ गई है। जबकि, यही नदी बरहज में अब भी खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही है। लेकिन, उसके घटने की रफ्तार तेज है। सरयू की बाढ़ के पानी के कारण जो सड़कें डूब गईं थीं वह सभी खाली हो गईं हैं। उनपर आवागमन शुरू हो गया है। गोर्रा नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है, लेकिन वह अब भी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही है।
बाढ़ खंड-2 अधिशासी अभियंता रूपेश खरे ने कहा कि सभी नदियां नीचे आ रहीं हैं। लेकिन, राप्ती के घटने की रफ्तार बहुत धीमी है। माना जा रहा है कि जो तटबंध टूटे थे उनका पानी राप्ती में आ रहा है। राप्ती के खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर रहने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी जारी है। उम्मीद है कि दो दिन बाद उसके नीचे आने की रफ्तार बढ़ेगी।
अब भी 45 गांव पूरी तरह बाढ़ से घिरे, चल रही हैं 233 नाव
राप्ती नदी को छोड़ सरयू सहित सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर नीचे आने के बाद भी 45 गांव अब भी बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिरे हुए हैं। वहां पर रह रहे लोगों के आने-जाने के लिए 233 नावों को लगाया गया है। बाढ़ से घिरे सर्वाधिक 12 गांव सदर तहसील के हैं। सदर तहसील में 112 नावों को लगाया गया है। अब भी 1,90,033 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की वजह से 15385 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है।
आपदा प्रबंधन कार्यालय से जारी आंकड़ों के मुताबिक राप्ती का पानी खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर है। इससे उसके तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति विकट बनी हुई है। सिंचाई विभाग अब भी निगरानी कर रहा है। जिला तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अब भी सक्रिय है। बृहस्पतिवार को कम्युनिटी किचन के माध्यम से 2500 लंच पैकेट तथा 1000 पानी की बोतलें वितरित की गईं। राशन के 38,870 किट अब तक वितरित किए जा चुके हैं।