लॉकडाउन में सड़क पर आने के लिए लोगों के पास तरह-तरह के बहाने हैं। पुलिस प्रशासन के लाख मना करने पर भी लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोग बेखौफ सड़क पर निकल रहे हैं। वहीं पुलिस भी ऐसे लोगों को सबक सिखाने में पीछे नहीं है। घर से निकले लोगों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आ रही है।
घर से बाहर निकले लोगों को पुलिस ने सिखाया सबक, बना रहे अजब-गजब बहाने
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुनिए इनका बहाना
सुबह सात बजे देवरिया बाईपास पर पुलिस रोज की तरह ही इस कोशिश में लगी थी कि कोई बेवजह सड़क पर ना आने पाए। इसी दौरान एक बोलेरो सवार को पुलिस ने रोका। शीशा नीचे कर युवक बोला, साहब पीछे बीमार व्यक्ति बैठा है, उसी को दिखाने जा रहे हैं, पर्ची भी है। पुलिस ने देखा तो पर्चा ढाई साल पुराना था। पुलिसवालों ने कहा कि एक सिपाही आपके साथ जाएगा। गाड़ी सवार गिड़गिड़ाने लगा। कहा- साहब, आप क्यों परेशान होंगे, हम दिखाकर चले जाएंगे। पुलिस ने थोड़ी और सख्ती की तो वह बोल पड़ा, क्या करें साहब घर में रहते-रहते उब गए थे।
उन्होंने कहा, सोचा चारपहिया से निकलेंगे और बीमारी बताएंगे तो पुलिस मान जाएंगी, गलती हो गई। खैर, पुलिस ने गाड़ी का चालान किया और लॉकडाउन के पालन की नसीहत भी दी। बहस करने वाले पढ़े लिखे थे। पेशे से इंजीनियर, नाम था उमेश। यह एक बानगी भर है। दिनभर इस तरह के कई लोगों से इन दिनों पुलिस का सामना हो रहा है। लॉकडाउन के पालन की अपील और सख्ती का अब भी कुछ लोगों पर असर नहीं दिख रहा। इनमें पढ़े लिखों की तादात भी अच्छी-खासी है।
पुलिस के मुताबिक, बेवजह बाहर निकलने वाले किसी की मौत तक के बारे में झूठ बोलने में नहीं हिचक रहे हैं। पुलिस वाले जब घर पर फोन करवा रहे तो हकीकत सामने आ जा रही है। ऐसे लोगों के वाहनों का चालान कर पुलिस सख्ती कर रही है, लेकिन फिलहाल ऐसे लोगों का इलाज निकलता नहीं दिख रहा।
बोले, रिश्तेदार की मौत, पता किया तो पिछले महीने हुई थी
सोमवार को कैंट पुलिस ने चेकिंग के दौरान मोहद्दीपुर में एक बाइक सवार दंपती को रोका। आमतौर पर पीछे महिला होने पर पुलिस ज्यादा पूछताछ नहीं करती। लेकिन, रोकने पर युवक कुछ बोलता उसके पहले ही महिला बोल पड़ी कि रिश्तेदारी में मौत हो गई है। मौत कैसे और कब हुई सवाल का जवाब भी दिया।
पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की तो हकीकत सामने आ गई। एक ने महिला तो दूसरे ने पुरुष की मौत बताई। झूठ खुल गया तो बताया कि रिश्तेदार की मौत पिछले ही महीने हुई थी। फोन पर इस बात की तस्दीक भी हो गई। पुलिस ने वाहन का चालान कर दोनों को वापस भेजा।