धमकी व अवैध वसूली में आरोपित विनोद उपाध्याय को पुलिस 2019 के एक पुराने केस में रिमांड पर लेगी। उसके खिलाफ शाहपुर थाने में धमकी और वसूली का केस दर्ज है। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
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गोरखपुर के टॉप-10 बदमाशों की सूची शामिल हैं ये बदमाश।
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जानकारी के मुताबिक, जिले के टॉप-10 बदमाशों की सूची में विनोद उपाध्याय का भी नाम शामिल है। सूची में शामिल चार वांछितों में से एक केवल विनोद को ही अभी तक पुलिस गिरफ्तार कर पाई है। राकेश यादव ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
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राघवेंद्र यादव।(file)
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एक लाख रुपये के इनामी राघवेंद्र यादव सहित दो अभी फरार हैं। अन्य बदमाशों में कुछ जेल में हैं, तो कुछ जमानत पर हैं। जेल में बंद बदमाशों की निगरानी तथा बाहर मौजूद बदमाशों को जेल भेजने के लिए जमानत निरस्त कराने की तैयारी चल रही है।
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विनोद उपाध्याय।(file)
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वहीं, जेल गए बदमाश बाहर न निकल पाएं इसके लिए पुलिस ने अलग से तैयारी शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने 11 जून को कोतवाली थाने में दर्ज हुए जबरियां वसूली के केस में विनोद को पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। पुलिस को पता है कि जिस केस में वह पकड़ा गया है उसमें ज्यादा दिन तक उसे जेल में नहीं रखा जा सकता है।
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एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता।(file)
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यही वजह है कि पुलिस दूसरे केस में कार्रवाई करके उसे जेल में रखने की व्यवस्था करने में जुटी है। इस बाबत एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता का कहना है कि विनोद उपाध्याय को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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