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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM Yogi pays tribute to late Mahants Digvijay Nath and Avaidyanath highlights their role in the Ram Mandir mo

गोरखपुर: सीएम योगी ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ-अवेद्यनाथ को दी श्रद्धांजलि, राम मंदिर आंदोलन में बताई भूमिका

Wed, 30 Sep 2026 09:10 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 30 Sep 2026 09:10 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। यह साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का अंतिम दिन था। उन्होंने गोरक्षपीठ के दोनों पूज्य संतों के योगदान और आदर्शों का स्मरण किया।
 

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CM Yogi pays tribute to late Mahants Digvijay Nath and Avaidyanath highlights their role in the Ram Mandir mo
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। यह साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का अंतिम दिन था। उन्होंने गोरक्षपीठ के दोनों पूज्य संतों के योगदान और आदर्शों का स्मरण किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ रामलला के प्रकटीकरण के समय उपस्थित थे। महंत अवेद्यनाथ ने श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का नेतृत्व किया। दोनों संतों ने संत समाज को एकजुट कर श्रीराम मंदिर, समाज और राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित किया। योगी आदित्यनाथ ने स्थिरता को सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि महंत अवेद्यनाथ के जीवन संकल्प महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों का विस्तार हैं। महंत अवेद्यनाथ ने हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए सहभोज अभियान चलाया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, स्वावलंबन और कौशल विकास पर जोर दिया। शिक्षा और कौशल विकास के लिए अनेक संस्थाएं स्थापित कीं।
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गोरक्षपीठ का योगदान
मस्तनाथ पीठ के महंत बालकनाथ ने कहा कि दोनों संतों ने गोरक्षपीठ का नेतृत्व कर सनातन संस्कृति को मजबूत किया। गोरक्षपीठ सभी को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है। श्रीरामजानकी मंदिर वाराणसी से डॉ. रामकमलाचार्य ने महंत अवेद्यनाथ को दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका युगों-युगों तक स्मरित रहेगी। नैमिषारण्य से स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि गोरक्षा, सनातन धर्म और राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्षपीठ अग्रणी है।
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राम मंदिर और लोक कल्याण
महंत योगी लालनाथ ने कहा कि राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ ने रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ की कमान संभाली। हनुमानगढ़ी अयोध्या से महंत राजूदास ने राम मंदिर निर्माण को महंत अवेद्यनाथ के जीवन का मिशन बताया। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन राष्ट्रधर्म, शैक्षिक जागरण और लोक कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन भी किया गया।

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