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मरकज से लौटे लोगों के आसपास से भी गुजरने वालों की हो रही तलाश, बस इस वजह से हो सकती है जांच
Tue, 07 Apr 2020 12:02 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 07 Apr 2020 12:02 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में निजामुद्दीन की मरकज के संपर्क में आने वाले करीब सवा दो सौ लोगों के मोबाइल की लोकेशन पुलिस खंगाल रही है। पुलिस की कोशिश है कि ऐसा एक भी शख्स जो वहां गए लोगों के आसपास से भी गुजरा हो, उसकी जांच की जाए ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 14 ऐसे लोग चिह्नित किए गए थे जो कहीं ना कहीं दिल्ली से आए लोगों के संपर्क में आए थे।
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इन सभी की जांच के साथ ही ये लोग कहां गए, कहां रुके, किस-किस से मिले, इन सभी बिंदुओं पर सूचनाएं पुलिस की ओर से तैयार कर ली गईं हैं। पुलिस इस सूची को जोन कार्यालय के माध्यम से शासन को भी भेज देगी। सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि एक-एक नंबर की लोकेशन तलाश कर जांच कराई जा रही है। कहीं से कोई भी छूटने ना पाए यही कोशिश है।
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धर्मगुरुओं से संपर्क कर अपील को प्रेरित कर रही पुलिस
धर्मगुरुओं से संपर्क कर पुलिस उनसे उनके लोगों को एकत्र न होने की अपील करवा रही है। रोजाना एक सीओ को कम से कम पांच धर्मगुरुओं से संपर्क करना है। इसकी रिपोर्ट रोजाना शासन को भी भेजी जा रही है।
धर्मगुरुओं से संपर्क कर पुलिस उनसे उनके लोगों को एकत्र न होने की अपील करवा रही है। रोजाना एक सीओ को कम से कम पांच धर्मगुरुओं से संपर्क करना है। इसकी रिपोर्ट रोजाना शासन को भी भेजी जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि इसे लेकर थानों में बैठक भी की जा चुकी है और हर थानेदार, सीओ अपने स्तर से इस काम में जुटे हैं। इसके पीछे का मकसद है कि लोगों को लॉकडाउन के महत्व और शासन की मंशा को समझाया जा सके।
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स्कूल में बनाए गए क्वारंटीन में समय व्यतीत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
क्वारंटीन सेंटरों की रोजाना भेजी जा रही रिपोर्ट
नोडल अफसर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बनाए गए सभी क्वारंटीन सेंटरों का नियमित सत्यापन पुलिस टीम कर रही है। इसकी रोजाना रिपोर्ट शासन तक को भेजी जा रही है। पुलिस अपनी ओर से पूरी तरह से चौकन्ना है कि कहीं से भी इसमें कोई लापरवाही न होने पाए।
नोडल अफसर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बनाए गए सभी क्वारंटीन सेंटरों का नियमित सत्यापन पुलिस टीम कर रही है। इसकी रोजाना रिपोर्ट शासन तक को भेजी जा रही है। पुलिस अपनी ओर से पूरी तरह से चौकन्ना है कि कहीं से भी इसमें कोई लापरवाही न होने पाए।