उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। वहीं इस एनकांउटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे और कई गंभीर रुप से घायल भी हो गए थे। इस घायलों में महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के बरवास निवासी सिपाही शिवमूरत निषाद भी थे। इनको कमर में गोली लगी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें कानपुर एकाउंटर की आपबीती...
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- फोटो : अमर उजाला
फोन पर अमर उजाला से घायल सिपाही शिवमूरत ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर वे भी पुलिस टीम के साथ दबिश डालने गए थे। जैसे ही हम लोग दरवाजे पर पहुंचे कि सामने की ओर से बदमाशों द्वारा जबरदस्त फायरिंग शुरू हो गई। मौके पर हमें समझ नहीं आ रहा है था कि हमें आगे जाना है या पीछे की ओर, क्योंकि गोलियां चारों ओर से चल रही थी।
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- फोटो : amar ujala
उन्होंने बताया कि 'मैं पेड़ की ओट में छिपते हुए उसके घर के तीसरे गेट पर पहुंच गया था कि तभी मेरे कमर में गोली लग गई। इस बीच लगातार ताबड़तोड़ फायरिंग होती रही। कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। गोलियां चलने से अंदाजा लगा कि छत ही नहीं चारों ओर से गोली चल रही थी। ऐसे लग रहा था कि मानो आसमान से गोलियां बरस रही हैं, निश्चित ही उन्होंने इस हमले की तैयारी पहले से कर रखी थी।'
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- फोटो : अमर उजाला
गोलियों की बौछार के बीच वे किसी तरह एक शौचालय तक पहुंचे और बेहोश हो गए। फिर क्या हुआ, पता नहीं। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचा। पुलिस कर्मियों के साहस एवं शौर्य की बदौलत हिस्ट्रीशीटर जान बचाकर भाग गया। जब तक उसे कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक मन को शांति नहीं मिलेगी। बता दें कि शिवमूरत का सोमवार देर शाम को ऑपरेशन कर कमर से गोली निकाल दी गई है।
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सिपाही शिवमूरत निषाद।
- फोटो : अमर उजाला।
सिपाही के भाई रामजतन ने बताया कि ऑपरेशन सफल हुआ है। भाई की हालत ठीक है। उनकी अच्छे से देखभाल हो रही है। भाई ने हिस्ट्रीशीटर का डटकर मुकाबला किया था। हमें उस पर गर्व है। थानाध्यक्ष पनियरा दिलीप शुक्ला ने बताया कि घायल सिपाही से फोन बात कर हालचाल जाना गया है। उनकी हालत में सुधार है। पुलिस परिजनों के संपर्क में है।