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विशेषज्ञों की सलाह: कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Tue, 06 Jul 2021 11:05 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 06 Jul 2021 11:05 AM IST
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Patients risk of heart attack after recovering from corona infection
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना संक्रमण से मुक्ति पाने के बाद भी लोगों की बीमारी से पीछा नहीं छूट रहा है। कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। जिन लोगों को पहले से हृदय रोग से संबंधित बीमारी नहीं थी, ऐसे लोग भी हृदय से संबंधित समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। 


गोरखपुर जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में हर सप्ताह 10-12 ऐसे मरीज बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा रहे हैं। इसके अलावा 70-80 मरीजों की ओपीडी में 25-30 मरीज पोस्ट कोविड की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। 

विशेषज्ञ ऐसे मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि वह हृदय की समस्या से जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। ऐसे लोग चिकित्सकों की सलाह पर वैक्सीन लें और अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। 



मांसपेशियां हो रही हैं कमजोर
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि कोविड संक्रमित मरीजों के शरीर में इंफ्लेमेशन को ट्रिगर करता है। जिससे दिल की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
Patients risk of heart attack after recovering from corona infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
साथ ही धड़कन की गति भी प्रभावित होती है। इसकी वजह से खून का थक्का जमने का खतरा रहता है। इससे हार्ट फेलियर, ब्लड प्रेशर की दिक्कत और धड़कन की गति तेज या धीमी होने लगती है। इसके अलावा फेफड़ों में खून के थक्के जमने की वदह से हार्ट पर बुरा असर पड़ता है। खासकर युवाओं में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिल रही है। 
Patients risk of heart attack after recovering from corona infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कराते रहें जांच
डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि संक्रमण के बाद अगर किसी को छाती में दर्द की शिकायत है या फिर उसे पहले से कोई हृदय रोग है तो इसकी एमेजिंग जरूर करानी चाहिए। जांच से पता चल जाएगा कि वायरस ने हार्ट की मांसपेशियों को कितना नुकसान पहुंचाया है। हल्के लक्षण वाले मरीज भी यह जांच जरूर कराएं। 
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Patients risk of heart attack after recovering from corona infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
यह हैं लक्षण
  • अगर मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है।
  • दिल की धड़कन तेज और अनियमित है।
  • ज्यादा कमजोरी महसूस हो। 
  • पंजे, एड़ी या पैर में सूजन हो। 
  • लगातार खांसी, भूख न लगना और बार-बार पेशाब आना।
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Patients risk of heart attack after recovering from corona infection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
केस एक
दाउदपुर के रहने वाले अमित कुमार (41 वर्ष) मई में कोरोना पॉजिटिव हुए थे। अपने घर पर ही क्वारंटीन रहकर वह कोरोना से ठीक हो गए। जून माह में सीने में दर्द हुआ। इस पर उन्होंने जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में जांच कराई तो पता चला कि क्लाटिंग की शुरुआत हुई है। ईसीजी जांच के बाद डॉक्टर ने मरीज को पेस मेकर लगाने की सलाह दी। अमित ने निजी अस्पताल में पेस मेकर लगवाया। 
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