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पंचायत चुनाव: यहां 24 हजार मतदानकर्मी नहीं डाल सकेंगे वोट, जानिए क्या है बड़ी वजह
Sun, 11 Apr 2021 04:50 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 11 Apr 2021 04:50 PM IST
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकारी और कर्मचारी खुद का मतदान नहीं कर पाएंगे। पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले मतदान कार्मिकों को उनका मताधिकार प्रयोग करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे गोरखपुर जिले में ही 24 हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। इन कर्मचारियों को वोट देने की व्यवस्था करने के लिए गोरखपुर के सुभाष चंद्र नायक ने हाईकोर्ट प्रयागराज में जनहित याचिका दायर कर रखी है।
पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, गोरखपुर जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हैं। लेकिन मतदान की इच्छा के बावजूद तकरीबन सभी कर्मचारी एक ही चरण में पूरे जिले में चुनाव होने के कारण वो वोट नहीं दे सकेंगे। लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण के दौरान ही पोस्टल बैलेट के जरिए वोट देने की व्यवस्था की जाती है लेकिन पंचायत चुनाव में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है।
पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
जिले के अधिकारियों ने भी इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। जनहित याचिका दाखिल करने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व संयुक्त मंत्री सुभाष चंद्र नायक ने कहा कि याचिका में कहा गया है कि मतदान कार्मिकों के ऊपर मतदान संबंधी दायित्व होते हैं। सभी का मतदाता सूची में नाम भी है। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग वोट देने की व्यवस्था कराए, जिससे मतदान कार्मिकों के संवैधानिक अधिकार का हनन न हो।
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पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कहा कि मतदान कार्मिकों के लिए मतदान न कर पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे प्रदेश की बात करें तो लाखों कर्मचारी अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे। नायक ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में छह अप्रैल को सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा था लेकिन कोई राहत न मिलने पर न्यायालय की शरण ली है।
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पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला।
कर्मचारी संगठन भी उठा रहे सवाल
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से मतदान कार्मिकों के मताधिकार को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव एवं जिला मंत्री अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में भी बात की है। आश्वासन मिला है लेकिन अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सका है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से मतदान कार्मिकों के मताधिकार को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव एवं जिला मंत्री अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में भी बात की है। आश्वासन मिला है लेकिन अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सका है।