पूरे देश में ऑक्सीजन गैस के जबरदस्त संकट को देखते हुए विभिन्न कंपनियां, ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए आगे आ रही हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी विभिन्न फर्टिलाइजर कंपनियों ने आठ ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय किया है। ये सभी एक से डेढ़ महीने के भीतर स्थापित हो जाएंगे। इनमें कुछ पोर्टेबल है तो कुछ स्थायी भी।
खुशखबर: गोरखपुर-बस्ती मंडल में ऑक्सीजन संकट जल्द होगा खत्म, एक महीने में लगाए जाएंगे आठ नए प्लांट
ये सभी हवा से ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट होंगे जिसके लिए लिक्विड ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रत्येक की क्षमता 18 से 20 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे होगी। गोरखपुर जिले में पांच प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें अकेले दो प्लांट खाद कारखाना बनाने वाले कंपनी हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) लगाएगी।
इंडियन पोटाश लिमिटेड (आइपीएल) गोरखपुर में दो पीएसए (प्रेशर स्विंग एड्सोर्पशन) यूनिट यानी हवा से ऑक्सीजन बनाने वाला प्लांट लगाएगा। इनके ऑर्डर दिए जा चुके हैं। दोनों प्लांट जिला अस्पताल परिसर में 10 जून तक लग जाने की उम्मीद है। दोनों की क्षमता 30 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा उत्पादन की होगी। यानी एक घंटे में पांच जंबो सिलिंडर रिफिल करने के लिए पर्याप्त लिक्विड ऑक्सीजन तैयार हो जाएगा। इसी तरह नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) की ओर से गोरखपुर में 20 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला एक प्लांट लगाया जाएगा जो पोर्टेबल यूनिट होगी। 26 अप्रैल को इसका भी ऑर्डर हो चुका है और इसे एक जून तक स्थापित कर देने की योजना है। एचयूआरएल द्वारा गोरखपुर में दो प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनमें से प्रत्येक की क्षमता 18 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की होगी। दोनों प्लांट 28 से 45 दिन के भीतर स्थापित कर लिए जाएंगे।
संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर में एक-एक प्लांट
इंडो गल्फ कंपनी की ओर से संतकबीरनगर में ऑक्सीजन की पोर्टेबल पीएसए इकाई स्थापित की जाएगी। इसकी क्षमता 30 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की होगी। इसे 31 मई तक जिला अस्पताल परिसर में लगाया जाना है। सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल परिसर में आरसीएफ ने प्लांट लगाने का निर्णय किया है हालांकि इसकी स्थापना को लेकर, अभी प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। इसी तरह फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर (एफएसीटी) की ओर से बस्ती के जिला अस्पताल परिसर में 30 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट के लिए 23 अप्रैल को ऑर्डर दिया जा चुका है। एक महीने में इसके स्थापित हो जाने की उम्मीद है।