कोविड वैक्सीनेशन को लेकर फ्रंटलाइन वर्करों में दिखा कम उत्साह, 42.4 फीसदी ही हुआ टीकाकरण
वैक्सीनेशन से पहले सुरक्षा कर्मी बूथों पर सूची और परिचय पत्र पर नामों का मिलान करते नजर आए। सत्यापन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को बूथों के अंदर टीकाकरण कक्ष में प्रवेश दिया गया। टीका लगाने के बाद 30 मिनट तक कर्मियों को ऑब्जर्वेशन कक्ष में बैठाया गया। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, पुलिस लाइंस व जेल सहित मेडिकल कॉलेज में बने बूथों पर सुबह 10 बजे टीकाकरण की शुरुआत हो गई।
बूथों पर वैक्सीन व इमरजेंसी दवाओं की किट तय समय पर पहुंचाई गई थी। निर्धारित समय के एक घंटे पूर्व वैक्सीनेटर व उनके सहयोगी बूथों पर पहुंचे थे। फ्रंट लाइन वर्करों ने टीका लगवाने के बाद अपील भी की है कि जिनका नाम सूची में दर्ज हैं, वे टीका जरूर लगवाएं। सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। ऐसे में लोग टीका लगवाएं और देश को कोरोना मुक्त करने में योगदान दें।
बताए गए पांच संदेश
टीकाकरण के बाद कर्मियों को पांच संदेश बताए गए। इनमें वैक्सीन की कंपनी, दूसरी डोज कब लगेगी, दिक्कत होने पर कौन से नंबर पर जानकारी दे कर साथ ही बचाव के तरीके बताए गए। इस बीच उन्हें यह भी बताया गया कि टीकाकरण के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल जारी रखना है।
जिला अस्पताल में सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय, जिला महिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माला कुमारी सिन्हा ने बूथों का निरीक्षण किया। वैक्सीनेटर को निर्देश दिया कि जिनका नाम सूची में है, उन्हीं को टीका लगाया जाए और सावधानियों के बारे में जरूर पूरी जानकारी दी जाए।