साधारण परिवार में पैदा हुई ऑटो चालक की बेटी मान्या ने मिस इंडिया रनर अप बनकर इतिहास रच दिया है। उसकी इस कामयाबी पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोगों को मान्या पर फक्र हो रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
यूपी की इस बेटी ने मिस इंडिया रनर अप बनकर रचा इतिहास, पिता बोले- बेटों से बढ़कर किया है काम
बैतालपुर ब्लॉक के विक्रम विशुनपुर गांव के ओमप्रकाश सिंह मुंबई के कांदिवली के ठाकुर भिलेज में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी दो संतान हैं। बड़ी बेटी मान्या (20) और बेटा अमन (18)। वह मुंबई में ऑटो चलाकर परिवार की परवरिश करते हैं। जबकि उनकी पत्नी मनोरमा देवी हेयर डिजाइनर हैं। उनकी बेटी मान्या देसही देवरिया के लोहिया इंटर कॉलेज में वर्ष 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार के पास मुंबई चली गई। वहां से उसने इंटर करने के बाद 2018 में बैचलर ऑफ बैंकिंग इंश्योरेंश किया। 2019 में वहीं एमबीए में नामांकन कराया। वह शुरू से ही मेधावी रही।
आर्थिक तंगहाली के बीच मान्या ने जीवन का लक्ष्य तय कर लिया था कि उसको जीवन में मिस इंडिया बनना है। इसमें उसके पिता ने काफी सहयोग किया। ऑटो चलाकर उसके सपनों को पंख लगाते रहे। 2020 दिसंबर में वह तीन लाख से ज्यादा प्रतिभागियों में मिस यूपी चुनी गई। इस उपलब्धि से वह संतुष्ट नहीं हुई और उसने अपना प्रयास जारी रखा। दस फरवरी की रात मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में उसे मिस इंडिया रनर अप चुना गया। इसकी जानकारी होते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। बधाइयों का तांता लग गया। हालांकि उस समय उसके माता-पिता कार्यक्रम में ही मौजूद रहे। बेटी के सिर पर कामयाबी का ताज देख उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।
पिता ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की शुरू से मॉडलिंग में रुचि रही। मिस यूपी बनने के बाद अब मिस इंडिया बनकर वह बहुत खुश है। मगर उसका इरादा मिस वर्ल्ड बनने का है। उन्होंने बताया कि ऑटो चलाकर उन्हें नहीं लगता था कि मान्या को यहां तक पहुंचा पाएंगे। डबडबाई आंखों से कहा कि मान्या ने अपनी मेहनत के बल पर कामयाबी हासिल की है। दादा मदन सिंह, गांव के प्रधान अभिषेक सिंह, बब्बन सिंह, गुलाब सिंह, राजू सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, केशव लाल विश्वकर्मा, विशाल पांडेय, प्रभाकर मल्ल, मुकेश यादव, अखिलेश सिंह आदि लोगों ने मान्या को बधाई दी है।
गांव के निवर्तमान प्रधान अभिषेक सिंह ने बताया कि गांव और क्षेत्र के लोगों के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है। मुंबई से घर वापस आने पर गांव में उसका भव्य व ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। कहा कि वह आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में सामने आई है।
सहपाठियों ने कहा कि मान्या की मेहनत रंग लाई
मान्या के बचपन की दोस्त अंकिता सिंह ने बताया कि वह मान्या की कामयाबी पर फूले नहीं समा रही। वह कॉलेज के दिनों में कहा करती थी कि एक दिन ऐसी कामयाबी पाएगी की हम सबको फक्र होगा। आखिरकार उसने सपना पूरा कर लिया। उसे बधाई।
सहवां इंटर कॉलेज में भी छाईं खुशियां
लोहिया इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनिल कुमार सिंह व मान्या के कक्षा अध्यापक रहे मनोज गुप्त ने बताया कि कॉलेज में जानकारी होते ही खुशी का माहौल बन गया। अध्यापक से लेकर छात्र सब खुश हैं कि यहां से पढ़ी बेटी ने विद्यालय सहित क्षेत्र का नाम रोशन कर दिखाया है। मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई।