गोरखपुर शहर के कई प्रमुख चौराहों से जल्द ही जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। करीब एक हजार पटरी व्यवसायी को चौराहों, सड़क की पटरियों से हटाकर वेंडिंग जोन में जगह दी जाएगी। शहर में बन रहे चार वेडिंग जोन का काम आखिरी चरण में है। मुख्यमंत्री इन वेडिंग जोन का लोकार्पण कर सकते हैं। पहले चरण में 470 पटरी व्यवसायी पुनर्वासित किए जाएंगे। इसके बाद बाकी को भी शिफ्ट किया जाएगा।
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गोलघर।
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शहर के गोलघर को नो वेंडिंग जोन घोषित किया जा चुका है। मगर अभी भी वहां पटरी व्यवसायी दुकानें लगाते हैं। वेंडिंग जोन पूरी तरह से तैयार न होने के कारण प्रशासन भी बहुत सख्ती नहीं कर पा रहा, लेकिन वेंडिंग जोन तैयार हो जाने के बाद इन्हें वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही शहर के कुछ और प्रमुख स्थानों को नो वेंडिंग जोन घोषित कर दिया जाएगा।
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सड़क पर दौड़ती वाहन।
- फोटो : अमर उजाला।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पीछे करीब 2.32 करोड़ रुपये की लागत से, हरिओमनगर एवं रुस्तमपुर में करीब 1.43 करोड़ रुपये की लागत से तथा तारामंडल क्षेत्र के नया सवेरा में 38.44 लाख रुपये की लागत से वेंडिंग जोन बनाया जा रहा है।
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जाम से परेशान लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
ट्रांसपोर्टनगर में बनने वाले वेंडिंग जोन में राजघाट पुल के पास फल बेचने वाले व्यवसायियों को भी शिफ्ट किया जाएगा। इससे पुल के आस-पास रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिल सकती है। इसी तरह कचहरी बस स्टेशन के पीछे बने वेंडिंग जोन में हरिओमनगर एवं गोलघर के पटरी व्यवसायी तथा रुस्तमपुर में बनने वाले वेडिंग जोन में वहां के पटरी व्यवसायी पुनर्वासित किए जाएंगे।
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सीएम योगी।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री योगी के चार मार्च को गोरखपुर आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि उसी समय वेंडिंग जोन समेत कई अन्य परियोजनाओं का भी लोकार्पण-शिलान्यास होगा। प्रशासन इसकी सूची तैयार कर रहा है। इसमें चिलुआताल में खाद कारखाने की तरफ से बनवाए गए रबर डैम का लोकार्पण भी शामिल है।