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NRC के खौफ से 60 साल बाद अपने गांव वापस लौटा बुजुर्ग, कहा- मुझे डर है कि...

Wed, 04 Mar 2020 10:03 PM IST
vivek shukla शोभित कुमार पांडेय, संतकबीर नगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीर नगर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 04 Mar 2020 10:03 PM IST
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Old man returned to his village after 60 years of fear of NRC In UP
बचपन के दोस्त शमीम बेग को देखकर पहचान लिए। - फोटो : अमर उजाला।
परिवार के साथ बचपन में अपने पैतृक स्थान नगर पंचायत हरिहरपुर को छोड़ गोरखपुर में बस गए 69 वर्षीय शमीम बेग को एनआरसी (भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) का डर सताया तो सोमवार को हरिहरपुर पहुंच गए। उन्होंने पूर्व चेयरमैन रवींद्र प्रताप शाही उर्फ पप्पू शाही से मुलाकात की और अपनी संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई। युवा वर्ग तो उनके नाम तक से परिचित नहीं थे, लेकिन हमउम्र के लोग उन्हें देखते ही पहचान गए और गले मिलकर उनका गर्मजोशी के साथ अभिवादन किया।
Old man returned to his village after 60 years of fear of NRC In UP
शमीम बेग ने 9 साल की उम्र में अपना गांव छोड़ दिया था। - फोटो : अमर उजाला।
नगर पंचायत हरिहरपुर के रहने वाले शमीम बेग बताते है कि जब उनकी उम्र महज नौ साल की थी, तो उनका पूरा परिवार बिजनेस के सिलसिले में 60 साल पहले ही अपनी जायदाद छोड़कर गोरखपुर चले गए थे। तभी से उनका परिवार गोरखपुर में ही बस गया। 60 साल बाद जब उनकी आंखें बूढ़ी हो गई, तो अचानक एनआरसी का खौफ इस कदर सताने लगा कि वह सोमवार को अपने पैतृक स्थान नगर पंचायत हरिहरपुर पहुंच गए। जब उन्होंने नगर के लोगों को अपने बारे में बताया तो सभी दंग रह गए।
Old man returned to his village after 60 years of fear of NRC In UP
NRC के डर से शमीम बेग अपने गांव पहुंच गए। - फोटो : अमर उजाला।
बुजुर्ग मैनुद्दीन खां, मोहम्मद हनीफ, मोहब्ब तुन्निशा, इकरार और छेदी खां ने बचपन के दोस्त शमीम बेग को पहचान लिया और गले मिलकर उनका स्वागत किया। शमीम बेग ने दोस्तों को पाकर बचपन की यादे सांझा की। इतना ही नहीं शमीम बेग की बूढ़ी आंखे हरिहरपुर के विकास को निहार रही थी। उन्होंने कहा कि कभी यह वीरान हुआ करता था, लेकिन अब तो यहां का विकास महानगरों की तर्ज पर हुआ है। उनके घर को जाने वाले मार्ग पर कभी दो से ढाई फिट गड्ढा हुआ करता था, लेकिन आज चौड़ी चमचमाती सड़क बन गई है।
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Old man returned to his village after 60 years of fear of NRC In UP
शमीम बेग। - फोटो : अमर उजाला।
शमीम बेग नगर पंचायत हरिहरपुर में संचालित कृषक औद्योगिक पाल इंटर कॉलेज को निहार रहे थे, जिसमें उन्होंने ने 60 साल पहले एक साल पढ़ाई की थी। बाद में शमीम बेग सूर्यनगर वार्ड के सभासद और पूर्व चेयरमैन रवींद्र प्रताप शाही उर्फ पप्पू शाही से मिले। उन्होंने एनआरसी के खौफ का जिक्र किया और फिर साथ लेकर आए खतौनी को दिखाई। अपने पैतृक गांव, घर और जायदादा ढूंढने आने की बात की। जरूरत पड़ने पर मदद करने का अनुरोध भी किया।
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Old man returned to his village after 60 years of fear of NRC In UP
युवा पीढ़ी नाम से भी परिचित नहीं थी, मगर हमउम्र के लोगों ने पहचान के बाद स्वागत किया। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्व चेयरमैन रवींद्र प्रताप शाही ने बताया कि शमीम बेग 69 साल बाद अपने पैतृक घर और संपत्ति का पता करने आए थे। खतौनी दिखाए तो उनके पिता और उनका नाम दर्ज है। नगर के वार्ड नंबर तीन सूर्यनगर के वह रहने वाले है। अभी उनकी संपत्ति हरिहरपुर में है। उन्हे आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने नगर पंचायत से जो भी कागजात की जरूरत पड़ेगी तो उन्हें मुहैया कराया जाएगा।
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