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खुशखबर: अब अगले महीने शुरू हो सकेगा गोरखपुर खाद कारखाने से उत्पादन, बिछाई जाएगी रेलवे लाइन

Sat, 19 Feb 2022 10:18 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Feb 2022 10:18 AM IST
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Now production from Gorakhpur fertilizer factory will start next month
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

मार्च के पहले सप्ताह से हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के खाद कारखाने से यूरिया का उत्पादन नियमित रूप से शुरू हो जाएगा। फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से इसे शुरू करने की तैयारी थी। मगर कुछ मशीनों की जांच का काम अभी पूरा नहीं हो पाने की वजह से उत्पादन शुरू करने का नया समय तय किया गया है। कारखाने तक रेल लाइन बिछाने का काम आखिरी चरण में है। इसके अलावा एक और नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर सर्वे का काम पूरा हो गया है। जमीन भी चिह्नित हो गई है। एचयूआरएल जैसे ही जमीन का भुगतान कर देगा। काम शुरू हो जाएगा।



शुरुआत में रोज करीब 2,600 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। करीब एक महीने बाद पूरी क्षमता से कारखाना से उत्पादन शुरू हो जाएगा। रोजाना 3,850 मीट्रिक टन उत्पादन होगा।
 
 

Now production from Gorakhpur fertilizer factory will start next month
गोरखपुर खाद कारखाना - फोटो : अमर उजाला।

8,600 करोड़ की लागत से तैयार खाद कारखाने का बीते सात दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकार्पण किया था। इस मौके पर पहले दिन 500 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन भी हुआ था। तभी से प्लांट ट्रायल रन पर है। जापान और स्थानीय इंजीनियरों की देखरेख में प्लांट की मशीनों की सफाई और जांच का काम चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है।

 

Now production from Gorakhpur fertilizer factory will start next month
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

खास होगी गोरखपुर कारखाने की यूरिया

एचयूआरएल के अधिकारियों के मुताबिक, यूरिया के आकार को लेकर देश में जो मानक तय हैं उसके मुताबिक, यूरिया के दाने 0.3 एमएम से अधिक नहीं होने चाहिए। गोरखपुर खाद कारखाने का प्रिलिंग टावर दुनिया के सभी खाद कारखानों की तुलना में सबसे ऊंचा होने का लाभ मिलेगा। यहां 0.2 एमएम के दाने बनेंगे। दानों का आकार छोटा होने की वजह से खेतों की मिट्टी में पड़ते ही ये तुरंत घुल जाएंगे, जिसका असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा।

 

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गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

45 किग्रा की बोरी में बिकेगी यूरिया

खाद कारखाने में तैयार यूरिया 45 किलोग्राम की बोरी में बिकेगी। एक बोरी यूरिया की कीमत 266.50 रुपये होगी। कोरियन तकनीक से करीब 30 करोड़ की लागत से रबर डैम तैयार हुआ है। यह डैम प्लांट को पानी की जरूरत पर फेफड़े की तरह फूलेगा और पिचकेगा। यह डैम, प्लांट को 1450 क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत को पूरा करेगा। पानी की उपलब्धता को लेकर चिलुआताल की ड्रेजिंग की गई है।

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गोरखपुर खाद कारखाने का रबर डैम। - फोटो : अमर उजाला।

एचयूआरएल सीनियर मैनेजर सुबोध दीक्षित ने कहा कि खाद कारखाने की मशीनों की जांच का काम आखिरी चरण में है। अब कुछ ही मशीनें, जांच के लिए बाकी रह गई हैं। पांच या सात मार्च से कारखाने से उत्पादन शुरू हो जाएगा। पहले रोजाना 2,600 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होगा। एक महीने बाद रोजाना 3,850 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होगा। एक और रेलवे लाइन भी बिछाई जाएगी जो कारखाने से नकहा तक जाएगी। इसके लिए सर्वे के साथ ही जमीन चिह्नित करने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही जमीन का भुगतान भी हो जाएगा।

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