फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हड्डियों से आती है आवाज तो न करें नजरअंदाज, चिकित्सकों ने दी ये खास सलाह

Thu, 04 Mar 2021 01:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 04 Mar 2021 01:41 PM IST
विज्ञापन
Nitrogen air bubbles in bones of 50 percent people due to ignoring sound of bones at gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

अचानक चलते, उठते, बैठते शरीर की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह आवाज हड्डी टूटने का कारण बन सकती है। हड्डियों से आ रही इस आवाज को क्रेपिटस कहा जाता है। यदि ऐसा हो रहा है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। लंबे समय तक ऐसा होने पर हड्डी से संबंधित गंभीर समस्या हो सकती है।

Nitrogen air bubbles in bones of 50 percent people due to ignoring sound of bones at gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चिकित्सकों के अनुसार हड्डियों के चटकने की आवाज या उनमें दर्द तब होता है, जब हड्डियों के सिरों पर लचीले ऊतकों (टिशू) की संख्या कम हो जाती है। इस बीच जोड़ों में नाइट्रोजन एयर बबल्स जमा हो जाते हैं। ऐसे मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। 50 प्रतिशत लोग इस समस्या से परेशान हैं। ऐसे लोग निजी अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

Nitrogen air bubbles in bones of 50 percent people due to ignoring sound of bones at gorakhpur
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि बीआरडी सहित निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर 10 में से पांच मरीजों को यह समस्या है। इनमें करीब 20 प्रतिशत युवा हैं। बताया कि सामान्य तौर पर हड्डियों के बीच हवा के छोटे बुलबुले बनकर फूटने की वजह से आवाज होती है। लिगामेंट की रगड़ की वजह से भी आवाज आती है। इस बीच अगर चोट लगने के बाद आवाज आती है तो टेडन, लिगामेंट या झिल्ली फटने के संकेत होते हैं। इस वजह से मरीज अर्थराइटिस का शिकार हो रहा है। इन मरीजों में अधिकतर के घुटने तक बदलने पड़ रहे हैं। इसके अलावा लिगामेंट की सर्जरी तक करनी पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Nitrogen air bubbles in bones of 50 percent people due to ignoring sound of bones at gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

40 से अधिक उम्र वालों को घुटने में दर्द की शिकायत
डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि लोग हड्डियों की आवाज को नजरअंदाज करते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि 40 वर्ष की उम्र पार करते ही लोगों को घुटने में दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। ऐसे लोग प्रतिदिन बीआरडी में जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें तो कई के घुटने तक बदलने पड़े हैं।

विज्ञापन
Nitrogen air bubbles in bones of 50 percent people due to ignoring sound of bones at gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्रतिदिन व्यायाम और बेहतर खानपान जरूरी
हड्डियों से आ रही आवाजों को दूर करने के लिए प्रतिदिन व्यायाम और बेहतर खानपान जरूरी है। कैल्शियम युक्त भोजन, हल्दी के साथ दूध, भुने हुए चने जरूर खाएं। विटामिन-डी के लिए मशरूम, अनाज, संतरे का जूस का सेवन करें। डॉक्टर की सलाह पर व्यायाम करें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed