अचानक चलते, उठते, बैठते शरीर की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह आवाज हड्डी टूटने का कारण बन सकती है। हड्डियों से आ रही इस आवाज को क्रेपिटस कहा जाता है। यदि ऐसा हो रहा है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। लंबे समय तक ऐसा होने पर हड्डी से संबंधित गंभीर समस्या हो सकती है।
हड्डियों से आती है आवाज तो न करें नजरअंदाज, चिकित्सकों ने दी ये खास सलाह
चिकित्सकों के अनुसार हड्डियों के चटकने की आवाज या उनमें दर्द तब होता है, जब हड्डियों के सिरों पर लचीले ऊतकों (टिशू) की संख्या कम हो जाती है। इस बीच जोड़ों में नाइट्रोजन एयर बबल्स जमा हो जाते हैं। ऐसे मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। 50 प्रतिशत लोग इस समस्या से परेशान हैं। ऐसे लोग निजी अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि बीआरडी सहित निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर 10 में से पांच मरीजों को यह समस्या है। इनमें करीब 20 प्रतिशत युवा हैं। बताया कि सामान्य तौर पर हड्डियों के बीच हवा के छोटे बुलबुले बनकर फूटने की वजह से आवाज होती है। लिगामेंट की रगड़ की वजह से भी आवाज आती है। इस बीच अगर चोट लगने के बाद आवाज आती है तो टेडन, लिगामेंट या झिल्ली फटने के संकेत होते हैं। इस वजह से मरीज अर्थराइटिस का शिकार हो रहा है। इन मरीजों में अधिकतर के घुटने तक बदलने पड़ रहे हैं। इसके अलावा लिगामेंट की सर्जरी तक करनी पड़ रही है।
40 से अधिक उम्र वालों को घुटने में दर्द की शिकायत
डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि लोग हड्डियों की आवाज को नजरअंदाज करते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि 40 वर्ष की उम्र पार करते ही लोगों को घुटने में दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। ऐसे लोग प्रतिदिन बीआरडी में जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें तो कई के घुटने तक बदलने पड़े हैं।
प्रतिदिन व्यायाम और बेहतर खानपान जरूरी
हड्डियों से आ रही आवाजों को दूर करने के लिए प्रतिदिन व्यायाम और बेहतर खानपान जरूरी है। कैल्शियम युक्त भोजन, हल्दी के साथ दूध, भुने हुए चने जरूर खाएं। विटामिन-डी के लिए मशरूम, अनाज, संतरे का जूस का सेवन करें। डॉक्टर की सलाह पर व्यायाम करें।