फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गुमनामी में क्यों चला गया निर्भया का दोस्त, दोषियों के डेथ वारंट जारी होते ही खुला राज

Fri, 10 Jan 2020 03:32 PM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 10 Jan 2020 03:32 PM IST
विज्ञापन
Nirbhaya Case Justice was received from Testimony of Gorakhpur friend Avanindra
निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
निर्भया को इंसाफ दिलाने में गोरखपुर के अवनींद्र की भूमिका अहम रही है। बस में जिस समय निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी, उस वक्त गोरखपुर के अवनींद्र उसके साथ थे। अवनींद्र ने दरिंदों से लोहा भी लिया, लेकिन निर्भया को बचा नहीं सके। मामले में वे ही चश्मदीद गवाह भी बने। अवनींद्र ने न सिर्फ दोस्ती निभाई बल्कि दोषियों को फांसी की सजा दिलाने में अहम कड़ी साबित हुए। 

 
Nirbhaya Case Justice was received from Testimony of Gorakhpur friend Avanindra
निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र व दोषी पवन। - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के गुनाहगारों के खिलाफ लड़ने वाले अवनींद्र घटना के बाद इतने टूट गए थे कि उन्हें संभालने में परिवार को चार साल लग गए। अब दोषियों को सजा होने के बाद अवनींद्र ने कहा, आज वास्तव में उनकी दोस्त को इंसाफ मिला है। निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले मुकेश, पवन, अक्षय और विनय को 22 जनवरी को फांसी दी जाएगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारंट भी जारी कर दिया है। इसकी जानकारी होते ही अवनींद्र की आंखों में आंसू आ गए। 
Nirbhaya Case Justice was received from Testimony of Gorakhpur friend Avanindra
निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र - फोटो : file
वे विदेश में हैं, लेकिन दोषियों का डेथ वारंट जारी होने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता पिता भानू प्रकाश पांडेय से बात की। जानकारी के मुताबिक 16 दिसंबर 2012 की रात निर्भया अपने दोस्त अवनींद्र के साथ नई दिल्ली में बस से जा रहीं थीं। इस दौरान चारों दोषियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। इस घटना ने अवनींद्र को अंदर से झकझोर दिया। वे सदमे में चला गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Nirbhaya Case Justice was received from Testimony of Gorakhpur friend Avanindra
Avanindra - फोटो : अमर उजाला
चश्मदीद गवाह के तौर पर निर्भया के साथ सिर्फ वही मौजूद थे जिनकी गवाही से आरोपियों को सजा होती। काफी लंबे समय तक उन्होंने गुमनामी की जिंदगी व्यतीत की। अवनींद्र के पिता भानू प्रकाश पांडेय घटना का जिक्र होते ही भावुक हो जाते हैं। उनका कहना है कि किसी के लिए कहना और सुनना आसान होता है, मगर उस रात जो घटना हुई और हम लोगों ने कौन से दिन देखे उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते।
विज्ञापन
Nirbhaya Case Justice was received from Testimony of Gorakhpur friend Avanindra
nirbhaya friend avanindra - फोटो : अमर उजाला
अब विदेश में हैं अवनींद्र
करीब तीन साल पहले परिवार ने अवनींद्र की शादी कराई। अब एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम कर रहे अवनींद्र दो साल के बेटे और पत्नी के साथ विदेश में रहते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed