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मौत के फरमान पर मुहर लगते ही फफक पड़ा निर्भया का दोषी पवन, गांव में पसरा सन्नाटा
Wed, 08 Jan 2020 04:23 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 08 Jan 2020 04:23 PM IST
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pawan gupta
- फोटो : अमर उजाला
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निर्भया कांड के चार गुनहगारों में एक पवन गुप्ता (कालू) को जब अन्य दोषियों के साथ कांफ्रेंसिंग कक्ष में ले जा रहे थे तो उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। फैसला सुनते ही चेहरे पर मौत का खौफ छा गया। पवन तो फूट फूट कर रोने लगा। खबर के बारे में फैलते ही पवन के पैतृक गांव जगन्नाथपुर (लालगंज) में सन्नाटा पसर गया। गांव के लोगों को टीवी से पता चला कि 22 जनवरी को पवन को फांसी होगी, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
गांव के लोगों ने इतना जरूर बताया कि गांव में उसके परिवार का आना-जाना न के बराबर है। उसका घर भी खंडहर में बदल चुका है। दिल्ली के रिंग रोड पर 16 दिसंबर 2012 को जिस चलती बस में मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ था, उसमें पवन गुप्ता उर्फ कालू भी अपने दोस्तों के साथ सवार था। मंगलवार को आखिरकार उसके विरुद्ध भी डेथ वारंट जारी हो गया। उसे भी 22 जनवरी को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। गांव के लोग कहते हैं कि बचपन से ही पवन परिवार के साथ दिल्ली में रहता है।
निर्भया का दोषी पवन गुप्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली में पढ़ाई के साथ ही वह जूस का व्यवसाय करने लगा। उसके पिता, दादी और बहन, चारा आदि परिवार के सदस्य आरकेपुरम इलाके के संतरविदास कैंप में रहते हैं। बकौल ग्रामीण, निर्भया कांड के बाद पवन की मां की मौत हो गई थी, तभी वे लोग गांव आए थे। दो भाई व दो बहनों में पवन सबसे बड़ा है। गांव छोड़कर पवन के पिता ने महादेवा चौराहे के पास नया मकान बनवाना शुरू किया था, मगर निर्भया कांड के बाद से काम ठप पड़ा है।
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
जेल सूत्रों के मुताबिक चारों दोषी वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में करीब सवा घंटे तक रहे। अक्षय, पवन व मुकेश को जेल संख्या दो के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में और विनय को जेल संख्या चार के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से कोर्ट की कार्रवाई से जोड़ा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक दोषियों को उम्मीद थी कि उन्हें क्यूरेटिव याचिका दायर करने की मोहलत दी जाएगी। जेल सूत्रों के मुताबिक चारों दोषी वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में करीब सवा घंटे तक रहे।
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय, पवन व मुकेश को जेल संख्या दो के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में और विनय को जेल संख्या चार के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से कोर्ट की कार्रवाई से जोड़ा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक दोषियों को उम्मीद थी कि उन्हें क्यूरेटिव याचिका दायर करने की मोहलत दी जाएगी। इसी उम्मीद में सभी कांफ्रेंसिंग दोषी कक्ष में पहुंचे, लेकिन कक्ष में पहुंचते ही उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी। फैसला आते ही विनय रोने लगा, वहीं मुकेश, अक्षय और पवन के भी आंसू निकल गए।