कोरोना महामारी के बीच ही डॉक्टर मरीजों का उपचार करने में विशेष सावधानी बरत रहे हैं। मास्क, सैनेटाइजर, सोशल डिस्टेंस का पालन करके डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इससे मरीज का भी बचाव हो रहा है और डॉक्टर भी सुरक्षित रहते हुए मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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बचाव कर मरीजों का कर रहे उपचार
गुलाटी डेंटल केयर के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ संजीव गुलाटी ने बताया कि कोरोना महामारी के इस दौर में डेंटल प्रैक्टिस को एक नए प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ रहा है सरकारी निर्देशों के बाद डेंटल क्लीनिक को खोल दिया गया है, जिससे अब मरीज अपना इलाज कराने आने लगे हैं। इस वजह से डेंटल क्लीनिक को कोरोना इंफेक्शन से बचाव के लिए उचित कदम उठाने पड़ रहे हैं। हम हर मरीज का पहले तापमान चेक करते हैं फिर हाथों को सेनेटाइज्ड कराते हैं। साथ ही ये भी देखते हैं कि मरीज मास्क का प्रयोग कर रहा है या नहीं। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हो सके तो सलाह फ़ोन के माध्यम से ही दें और केवल इमरजेंसी में ही मरीज को बुलाएं।
मरीज भी रहें सजग, बचाव जरूरी
ऑर्थोडॉन्टिक डेंटल क्लीनिक के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव गुलाटी ने बताया कि इस महामारी में जब भी आप किसी डॉक्टर को दिखाने जाएं, फेसमास्क जरूर लगाएं और हो सके तो कम से कम बोलें। क्योंकि मास्क लगाकर भी एक दूसरे से फेस टू फेस बात करना चार मिनट से ऊपर नुकसानदेह हो सकता है और संक्रमित करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए जो भी आपको बताना हो बेहतर ये है कि पहले फोन से बता दें या इंटरकॉम के माध्यम से अपनी बात कहें।
पूरी सावधानी से कर रहे मरीजों का उपचार
स्टार हॉस्पिटल की वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरहीता करीम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान इस समय सभी अस्पताल, जैसे केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है, सभी किस्म की रोकथाम के उपाय करते हुए मरीजों की पूरी सावधानी से इलाज कर रहे हैं। यथासंभव अपने स्वास्थ्यकर्मियों को, अपने सफाई कर्मचारियों को, लैब टेक्नीशियन को संक्रमण न हो, उसके लिए हम लोग उनको पीपीई किट, मास्क, सैनेटाइजर सभी चीजों को उपलब्ध करा रहे हैं इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए मरीजों का उचित इलाज किया जा रहा है। साथ ही अपना एवं अपने स्टाफ की सुरक्षा का ध्यान रखना ही हॉस्पिटल का उद्देश्य है।
मास्क और सैनेटाइजर के साथ कर रहे उपचार
संगम आई हॉस्पिटल के नेत्र रोग विशषज्ञ डॉ वाई सिंह ने बताया कि मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग और हैंड सैनेटाइज किया जाता है। मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाता है। एक घंटे में केवल पांच मरीज ही देखे जा रहे हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन होता है। कभी कभी कुछ लोग मास्क पहनने या सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने के लिए कहने पर बुरा भी मान जाते हैं। ऐसे सभी मरीजों आगंतुकों से अनुरोध है कि हॉस्पिटल में या अन्य जगहों पर सावधानियों का पालन करें।