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नेपाल सरकार के खिलाफ मधेशियों ने किया प्रदर्शन, कहा- भारत से रिश्ता खराब करने वाला कानून मंजूर नहीं

Wed, 01 Jul 2020 12:48 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Wed, 01 Jul 2020 12:48 PM IST
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Madhesi leaders demonstrated against Citizenship amendment bill in government of nepal
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

नेपाल सरकार ने नेपाल में शादी करने वाली भारतीय महिलाओं की नागरिकता पर रोक लगाते हुए उसे सात साल बाद नेपाल की नागरिकता देने का फैसला किया है। जिसको लेकर नेपाल का मधेशी समुदाय सड़को पर उतर गया है और काफी आक्रोशित है।

Madhesi leaders demonstrated against Citizenship amendment bill in government of nepal
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

जगह जगह नेपाल सरकार के खिलाफ रैली निकाल कर इस कानून को वापस लेने के लिए जनसभाएं की जा रही हैं। इसके पूर्व नेपाली नागरिकता वाले भारतीय मूल के लोगों की नागरिकता होने के बाद ही भारतीय युवती से शादी के तत्काल बाद ही नेपाल की नागरिकता मिल जाती थी। जिस पर रोक लगाते हुए सरकार केवल विवाह प्रमाण पत्र देने जा रही है। जिसका नेपाली मधेशी समुदाय विरोध कर रहा है।

Madhesi leaders demonstrated against Citizenship amendment bill in government of nepal
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

मंगलवार की दोपहर रूपनदेही जिले के भैरहवा में जनता समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में मधेशी समुदाय के लोगों ने एक रैली निकाली और ओली सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। रैली भैरहवा के गल्ला मंडी में पहुंचते ही एक जनसभा में बदल गई।

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Madhesi leaders demonstrated against Citizenship amendment bill in government of nepal
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

भैरहवा विधायक संतोष पांडेय ने कहा कि सात साल के बाद बहू बेटियों को नागरिकता देने संबंधी कानून मंजूर नहीं है। जिसका विरोध जारी रहेगा। भारत से हम लोगों का रोटी बेटी का संबंध है। सदियों से हम लोग अपने बच्चों की शादी विवाह भारत में करते आए हैं। इस कानून में भारत के लिए छूट मिलना चाहिए।

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Madhesi leaders demonstrated against Citizenship amendment bill in government of nepal
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

वरिष्ठ नेता महेंद्र यादव ने कहा कि अंगीकृत नागरिकता वाले मूल भारतीय लोगों के बच्चों की नागरिकता बनाने से मना कर दिया गया है। यह निदंनीय है। हमारे पूर्वजों का भारत से धार्मिक संस्कृति संबंध रहा है। हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है। जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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