बजट के बाद से अचानक तेल के दामों में काफी उछाल आ गया है। तेल के दाम जहां 18 रुपये तक बढ़े हैं, वहीं रिफाइंड भी 10 रुपये से 13 रुपये तक महंगे हो गए हैं। इस समय बाजार में सरसों का तेल 140 रुपये प्रति लीटर व रिफाइंड 115 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।
यूपी: खाद्य तेलों में महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, जानिए कब गिरेंगे इनके भाव
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मार्च के पहले सप्ताह में खेतों से सरसों मंडी तक आ जाएगी। इसके बाद सरसों तेल के दामों में कुछ गिरावट की उम्मीद है। किराने की दुकानों पर ब्रांडेड सरसों का जो तेल 20 दिन पहले 121 रुपये लीटर था, आज 140 रुपये तक पहुंच गया है। लॉकडाउन के समय बैल कोल्हू सरसों का तेल 100 से 120 रुपये लीटर था, जो अब 150 रुपये तक पहुंच गया है। यही हाल रिफाइंड का भी है। रिफाइंड 100 से बढ़कर 114 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिक रहा है।
आयात शुल्क बढ़ाने से पड़ा असर
एक फरवरी को आम बजट के बाद से क्रूड पाम तेल (सीपीओ) पर मूल आयात शुल्क 15 फीसद और कृषि विकास सेस 17.50 फीसद लागू होने लगा। जिससे यह 32.50 फीसद हो जाएगा। इस पर 3.25 फीसद समाज कल्याण आयात शुल्क होता है। इसे मिलाकर कुल वास्तविक आयात शुल्क 35.75 फीसद हो जाएगा। अभी तक यह लगभग 30 फीसदी लगा करता था।
बोले व्यापारी
- चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानियां ने बताया कि इन दिनों खाद्य तेलों में जबरदस्त उछाल है। मार्च के पहले सप्ताह में सरसों की नई खेप बाजार और मंडी में आ जाएगी, इसके बाद उम्मीद है कि दामों में कुछ गिरावट आए। पाम आयल रिफाइंड तेलों के आयात पर लगाई गई रोक पर भी सरकार को पुनर्विचार करने की जरूरत है। उम्मीद है दाम नियंत्रित हो जाएंगे।
- चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के सदस्य अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस समय तेल के दामों में काफी उछाल आया है। साहबगंज से लेकर शहर के अन्य व्यापारी इन बढ़े दामों को लेकर परेशान हो रहे हैं। सरकार को चाहिए इनके दामों में कुछ कमी कर दे। इसके लिए उन्हें आयात शुल्क व अन्य चीजों में कुछ नरमी बरतनी होगी।
बैल कोल्हू 150 रुपये 132 रुपये प्रति लीटर
कच्ची घानी 140 रुपये 121 रुपये प्रति लीटर
पाम 115 रुपये 102 रुपये प्रति लीटर