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देश-दुनिया में पहुंच चुकी है गीता प्रेस की ये खास पुस्तक, चार करोड़ प्रतियां हो चुकी हैं प्रकाशित

Thu, 18 Feb 2021 01:38 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 18 Feb 2021 01:38 PM IST
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story of Gita Press published Four crores Ramcharitmanas copies from 1939
रामचरितमानस व गीता प्रेस गोरखपुर। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गीता प्रेस की स्थापना आमजन को आसानी से श्रीमद्भागवत गीता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुई थी। समय के साथ यहां से प्रकाशित होने वाली धार्मिक पुस्तकों का दायरा बढ़ता गया। गीता प्रेस से प्रकाशित पुस्तकों में श्रीमद्भागवत गीता के बाद सबसे अधिक रामचरितमानस का प्रकाशन हुआ है। अब तक यहां से रामचरितमानस की लगभग चार करोड़ प्रतियां प्रकाशित हुई हैं।

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रामचरितमानस - फोटो : अमर उजाला।

गीता प्रेस की शुरुआत 1923 में हुई थी और तुलसीदास रचित रामचरितमानस की पहली प्रति 1939 में प्रकाशित की गई। इसके बाद से अब तक तीन करोड़ 87 लाख प्रतियां देश-दुनिया में पहुंच चुकी हैं। इसी तरह वाल्मीकि रामायण की लगभग 11 लाख 40 हजार प्रतियां प्रकाशित की गईं हैं।

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गीता प्रेस गोरखपुर। - फोटो : अमर उजाला।
दस भाषाओं में होता है प्रकाशन
करीब 92 वर्षों से गीता प्रेस से रामचरितमानस का प्रकाशन किया जा रहा है। इसे हिंदी के अलावा अंग्रेजी, उड़िया, बांग्ला, तेलगू, मराठी, गुजराती, कन्नड़, नेपाली, असमिया आदि भाषाओं में प्रकाशित किया जाता है। गीता प्रेस की वेबसाइट पर भी रामचरित मानस को पढ़ा जा सकता है।  
 
गीता प्रेस के उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली पुस्तकों में श्रीमद्भागवत गीता के बाद रामचरितमानस का स्थान आता है। दुनिया भर में इसकी मांग है।
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story of Gita Press published Four crores Ramcharitmanas copies from 1939
गीता प्रेस गोरखपुर। - फोटो : अमर उजाला।
भाषा  मानस की प्रकाशित संख्या
हिंदी 3,35,12790
गुजराती 46,58000
अंग्रेजी 1,50,500
उड़िया  1,22500
मराठी         75,000
तेलुगु 70,150
बांग्ला  46,000
कन्नड़ 24,000
नेपाली  13,500
असमिया   2500
      
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story of Gita Press published Four crores Ramcharitmanas copies from 1939
गोरखपुर गीता प्रेस। - फोटो : अमर उजाला।
भाषा   वाल्मीकि रामायण की प्रकाशित संख्या
हिंदी     7,51,500
अंग्रेजी 80,200
तमिल   68,500
कन्नड़          25,500
गुजराती   19,500
बांग्ला   8000
तेलगू      1,92000
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