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डीडीयू में छात्रा की मौत मामला: जिस विभागाध्यक्ष पर लगा है हत्या का आरोप, 16 साल पहले भी विवादों में घिरी थी प्रोफेसर
Wed, 04 Aug 2021 04:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 04 Aug 2021 04:30 PM IST
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विभागाध्यक्ष दिव्या रानी व मृत छात्रा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की छात्रा प्रियंका कुमारी (21) की 31 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में परीक्षा के दौरान मौत हो गई थी। उसकी मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। छात्रा के पिता विनोद की तहरीर पर पुलिस ने गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष दिव्या रानी और कर्मचारियों के खिलाफ सोमवार को हत्या का केस दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी। ये पहली बार नहीं है जब दिव्या रानी के ऊपर कोई आरोप लगा हो। बल्कि इसके पहले भी पूर्व में उनके ऊपर गंभीर आरोप लग चुके हैं। हालांकि बाद में उन्हें जांच में क्लीन चिट मिल गई थी।
विभागाध्यक्ष दिव्या रानी व मृत छात्रा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
2005 में दिव्या रानी के घर में मिली थी लाश
2005 में दिव्या रानी के कैंट स्थित हीरापुरी कॉलोनी में बने सरकारी आवास पर 13 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। बच्ची प्रोफेसर के घर पर रहकर काम करती थी। दीवार की खिड़की से लटकती उसकी लाश पुलिस ने बरामद की थी। दीवार से महज कुछ फुट ऊंची खिड़की से उसकी लाश फंदे से लटकी हुई थी। जबकि पैर जमीन को छू रहा था।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में भी बच्ची के परिजनों की ओर से हत्या का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने डॉ. दिव्या रानी के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया था। लेकिन बाद में इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई। हालांकि सीबीसीआईडी की जांच में मामला आत्महत्या का निकला था।
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मृतका के घर पर पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
वहीं गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष दिव्या रानी ने कहा कि जो वर्षों पहले हुआ था। वह महज एक हादसा था। उसे इस मामले से जोड़ना ठीक नहीं है। छात्रा की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ, मुझे इसकी जानकारी मिली है। लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की। उन्होंने कहा कि घटना का पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु।
- फोटो : अमर उजाला।
वहीं, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने कहा कि मामले की सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। कमेटी ने विवेचक को अपनी रिपोर्ट सौंपी है जिसमें पुराने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सही ठहराया गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट भी जल्द आ जाएगी। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह पूरी तरह से साफ हो जाएगी।