उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रविवार की दोपहर शिक्षिका मां-बेटी जैसे ही मिलन मैरिज हाउस के पास पहुंचीं बाइक सवार पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दो गोली लगने से मां डेविना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोली लगने से बेटी डेलसिया गंभीर रूप से घायल हो गई। दिनदहाड़े गोलीबारी और हत्या से छोटी राजधानी की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए कैसे बेखौफ बदमाशों के आगे पुलिस का प्रयास साबित हो रहा बेअसर...
सवालों से घिरी है 'छोटी राजधानी' की कानून व्यवस्था, यहां पढ़ें खूनी खेल की कहानी
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बता दें कि जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अफसर हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बेखौफ बदमाशों के आगे पुलिस का प्रयास बेअसर साबित हो रहा है। अगस्त से शुरू हुआ हत्याओं का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 47 दिनों के रिकार्ड पर निगाह डालें तो छोटी राजधानी में 23 लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। कहीं गोली तड़तड़ाई है तो कहीं गला रेतकर मार डाला गया। कहीं पर मार कर शव को लटका दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, ताबड़तोड़ अपराध को रोकने के लिए ही एसएसपी ने कई पहल की है। पुलिस वालों को चौकस रहने का निर्देश दिया तो बीट सिपाही से लेकर हल्का दरोगा तक की जिम्मेदारी तय कर दी। जमीन के लिए अपराध न होने पाए इसके लिए पुलिस वालों को सूची बनाने तक का आदेश हुआ, मगर इन सब के बीच अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है।
दर्ज मुकदमों पर नजर दौड़ाई जाए तो अगस्त से 20 सितंबर के बीच के 47 दिनों में 23 लोगों की जान ली गई है। 11 सितंबर को हरपुर बुदहट में पुष्पा नाम की महिला का हत्या कर शव फंदे से लटका दिया गया था। 16 सितंबर को कैंपियरगंज इलाके में अनिता नाम की युवती की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। नौ सितंबर को पीपीगंज इलाके के ताललिखिया गांव में राजमिस्त्री सर्वजीत चौहान की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इसी तरह हत्या के और भी मामले हैं।
एक महीने के भीतर दूसरी बार मां और उसकी औलाद निशाने पर
एक महीने के अंदर जिले में बदमाशों के निशाने पर दूसरी बार मां और उसकी औलाद आई है। रविवार की वारदात के बाद लोगों के जेहन में 23 अगस्त को हुई गगहा इलाके में मां-बेटे की हत्या का मामला ताजा हो गया। गगहा इलाके के पोखरी गांव के दुबे टोला में महुआ के पेड़ के विवाद में हेमलता और उसके बेटे हर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।
शाहपुर में ही चार साल पहले हुई थी मां-बेटी की हत्या
शाहपुर के मोती पोखरा में मां-बेटी की लाश कमरे में मिली थी। मोती पोखरा निवासी सूफिया लारेंस (45), बेटी अर्सली (20) की गला रेतकर हत्या की गई थी। जांच में पता चला था कि घर आने-जाने वाले युवक ने ही हत्या की थी।