देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में छह अक्तूबर को पानी की टंकी में मिली लाश के मामले में नया मोड़ आ गया है। महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक (61) की हत्या की गई थी। हत्या करने के बाद शव को पानी की टंकी में फेंका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि पानी की टंकी में डाले जाने से पहले अशोक की सांसें धम चुकीं थीं क्योंकि फेफड़े में पानी नहीं गया था।
इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इस तरह कई सुराग हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं और पुलिस के शक की सुई मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग पर टिकी है। पुलिस अब कातिलों को बेनकाब करने में जुटी है। शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम देने से गुत्थी सुलझाने में वक्त लग रहा है। सोमवार को भी कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम मेडिकल कॉलेज में जमी रही।
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एंबुलेंश में बैठा अशोक और पानी की टंकी जिसमें मिली थी उसकी लाश
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव इलाके के विश्व कॉम्प्लेक्स चंद्रोदय के सामने रहने वाले अशोक गवांडे का शव छह अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज भवन के छत पर बनी पानी की टंग में मिली थी। टंकी के बाहर उसका नीले रंग की शर्ट और मेडिकल कॉलेज की चादर को पुलिस ने बरामद किया था।
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डीएम दिव्या मित्तल ने किया निरीक्षण और लिया जायजा
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पुलिस की जांच में पता चला है कि अशोक सिर्फ सर्जिकल वार्ड में 25 सितंबर को बेड सीट लपेटा था, वह अंडरवियर नहीं पहना था, मगर पानी की टंकी के पास जहां उसकी शर्ट और बेड सीट मिली, वहां पर एक अंडवियर और दोनों पैर के मोजे मिले थे। 27 सितंबर की रात जिस स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की ड्यूटी थी, वह रात 12 बजे के बाद सो गए थे।
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जांच करने पहुंची पुलिस
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इसी बीच बेड संख्या 41 पर भर्ती अशोक गायब हो गया, उस दिन वार्ड में भर्ती मरीजों के बीएचटी पर दर्ज मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने संपर्क किया है, मगर सभी का एक ही जवाब मिला कि साहब रात होने के कारण नींद आ गई थी। पुलिस भी पूरे घटनाक्रम को लेकर हैरान है। पुलिस की जांच का केंद्र बिंदु मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ परिवार से जुड़ा विवाद भी सामने आया है।
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पीएम हाउस के बाहर खड़े परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार और दो रास्तों में उलझी पुलिस
मेडिकल कॉलेज के पांच मंजिल भवन में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर कैमरा लगे हैं। एक कैमरा मुख्य द्वार पर घुसते समय बाईं ओर लगा है। पंजीकरण हॉल में घुसने पर दाईं ओर कोने में एक कैमरा लगा है। इसकी दिशा ऊपर कर दी गई है। इससे अगर कोई बगल के दरवाजे से अंदर सीधे हॉल में घुसता है तो वह दिखाई नहीं देगा। वह लिफ्ट से सीधे ऊपर चला जाए तो कहीं नजर नहीं आएगा।