देश में 11 मार्च गुरुवार को पड़ रही त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि में महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। जो कि इस बार कई मायने में खास है। शिव और शक्ति के मिलन के पर्व पर कई खास योग बन रहे हैं। शिवयोग, सिद्धियोग में पड़ रही शिवरात्रि पर घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग होगा, जिससे पर्व की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। मान्यता है कि पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। शिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है। इस पावन अवसर पर रुद्राभिषेक का भी खास महत्व माना गया है।
इस महाशिवरात्रि पर पड़ रहा ये खास दुर्लभ संयोग, इस काम को करने से खुश होंगे भगवान 'भोले'
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बस्ती नगर बाजार दुर्गा मंदिर के पुजारी आचार्य जय प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि 11 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। चतुर्दशी तिथि 11 मार्च को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से शुरू हो जाएगी, जो कि 12 मार्च की दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक रहेगी।
सोनहा क्षेत्र के महादेवा, भिरिया, पक्का कुआं, मुंगरहा, लोढ़वा समेत अन्य स्थानों पर शिवरात्रि का मेला लगेगा। मुंडेरवा क्षेत्र के देवरिया माफी, बरडाड़, भैंसा, डारीडीहा आदि स्थानों पर मेले लगेंगे। जबकि पैकोलिया क्षेत्र के शिव परसा, बिंगवाबीर बाबा, औरातोंदा में जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं बनकटी के बानपुर, पहड़िया, सिद्धनाथ, कोरऊ, कुआनो संगम पर स्थित मंदिरों पर जलाभिषेक किया जाएगा। मखौड़ाधाम, श्रंगीनारी, महादेवा, परशुरामपुर, मंड़रिया, जीतीपुर, रानी गांव में भी मेला लगेगा। नगर क्षेत्र के सिकटहवा, राजघाट, हरदेवनाथ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे। सल्टौआ के महादेवा, भिरिया, कोठली, सेवईडीह, दसिया, मुस्तफाबाद, पचदेवरी, बेलहरा पर भी मेले लगेगे।
चाक-चौबंद रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
महाशिवरात्रि पर मेले में पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यापक पुलिस प्रबंध किए जा रहे हैं। खासकर भदेश्वर नाथ, भारीनाथ, तिलकपुर, देवरिया, बरवा और कड़रधाम में भक्तों की खासी भीड़ जुटेगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। भदेश्वर नाथ जाने वाली सड़क को डारीडीहा से आगे वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विधान है। मान्यता है कि धन संपत्ति में बढ़ोत्तरी के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शहद और घी से भी रुद्राभिषेक करना शुभ फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इससे आर्थिक परेशानियों से मु्क्ति मिलती है। इसके अलावा दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से रुद्राभिषेक करने से धन लाभ की मान्यता है।