{"_id":"66f656c9c0d0767cc508898e","slug":"kushinagar-fake-currency-case-update-from-sales-tax-receipt-to-gst-collection-gang-details-news-in-hindi-2024-09-27","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुशीनगर नकली नोट केस: सेल्स टैक्स की पर्ची काट रफी धंधेबाजों में घुसा... फिर बनाया GST वसूली गैंग; पूरी कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुशीनगर नकली नोट केस: सेल्स टैक्स की पर्ची काट रफी धंधेबाजों में घुसा... फिर बनाया GST वसूली गैंग; पूरी कहानी
Fri, 27 Sep 2024 01:15 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 27 Sep 2024 01:15 PM IST
विज्ञापन
Kushinagar Fake Currency
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर बार्डर पर सेल्स टैक्स की पर्ची काटने के दौरान बनी रफी खान उर्फ बबलू की पहचान ने उसके काम छोड़ने के बाद उसके वसूली गैंग को अंजाम देने में काफी मदद की। इसके सहारे उसने टीम तैयार की और लग्जरी गाड़ियों में बैठकर रात के अंधेरे में हाईवे के क्षेत्रों में खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर वसूली करता रहा।
Kushinagar Fake Currency Case
- फोटो : अमर उजाला
उसके नेतृत्व में ही इस वसूली गैंग में जीएसटी के नाम पर बाहर से आने वाली गाड़ियों की वसूली हाईवे पर चलती थी। जांच कर रहे एएसपी को भी तमकुहीराज पुलिस ने गुमराह किया और बबलू बच निकला था। जाली नोट,जीएसटी के साथ तमाम गैर कानूनी कार्यों में संलिप्त समाजवादी पार्टी के नेता रफी उर्फ बबलू ने जिले के हाईवे में दाखिल होने वाले हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड जैसे बड़े महानगरों से आने वाले मालवाहकों के लिए वसूली गैंग तैयार की थी।
Kushinagar Fake Currency Case
- फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि गैंग के सदस्य रफी उर्फ बबलू के शह पर खुद को समान एवम सेवा कर (जीएसटी) का अधिकारी बताकार सुकरौली, हाटा से लेकर सलेमगढ़, तमकुही राज तक वसूली करते थे। उस समय हाईवे के किनारे थानों पर तैनात कुछ सिपाहियों का नाम भी चर्चा में आया था, जो काफी दिनों से हाईवे थाने और चौकियों पर तैनात सिपाही जीएसटी अधिकारी के नाम पर अवैध मालवाहनों से अवैध वसूली कराने वालों को संरक्षण देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kushinagar Fake Currency Case
- फोटो : अमर उजाला
वसूली गैंग की संलिप्तता में खाकी का नाम आने पर जांच कमजोर हो गई और नौ आरोपियों को जेल भेजने के बाद बाकी की तलाश तो दूर चर्चा तक नहीं हुई। जिले में तैनात कुछ पुराने सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टरों से गैर कानूनी कार्यों में लिप्त धंधेबाजों में साठगांठ मजबूत है। जाली नोटों के खपाने वाले धंधेबाजों पर कार्रवाई के ऐसे पुलिसकर्मियों की भी बेचैनी बढ़ गई है, कि जांच की कड़ी में पूर्व में हुई कार्रवाईयों को खंगाला गया तो कई राज खुल सकते हैं।
विज्ञापन
Kushinagar Fake Currency Case
- फोटो : अमर उजाला
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि एक-एक पहलुओं पर जांच की जा रही है। कई नई बातें भी सामने आई है। जांच को गोपनीय रखा जा रहा है। कई चौंकाने वाली बात भी सामने आई है, जिस पर पुलिस टीम काम कर रही है। नेपाल से बिहार तक फैले नेटवर्क पर पुलिस काम कर रही है। हाईवे पर सक्रिय जीएसटी वसूली गैंग में बबलू का नाम आया है। इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है।