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कुशीनगर जाली नोट कांड: काली कमाई से टेंपो चालक रफी ने जमाई सियासी धमक... पूर्व डीएम के नाम से चलाता था फेसबुक

Thu, 26 Sep 2024 03:08 PM IST
शाहरुख खान नीलांबुज मिश्र, अमर उजाला, कुशीनगर
नीलांबुज मिश्र, अमर उजाला, कुशीनगर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 26 Sep 2024 03:08 PM IST
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Kushinagar Fake Currency Case Rafi Khan Used Illicit Earnings to Gain Political Influence
Kushinagar Fake Currency Case - फोटो : अमर उजाला
जाली नोटों और अवैध असलहों के अलावा तमाम गैरकानूनी धंधों में लिप्त सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रफी खान बबलू का बचपन मुफलिसी के अंधेरों में गुजरा। सेल्स टैक्स के बैरियर पर पर्ची काटने और टेंपो चलाकर परिवार का खर्च चलाने वाला रफी खान जब काली कमाई की राह पर उतरा तो एक दशक में अकूत संपत्ति जुटाकर सियासी गलियारों तक अपनी धमका जमा ली।
Kushinagar Fake Currency Case Rafi Khan Used Illicit Earnings to Gain Political Influence
Kushinagar Fake Currency Case - फोटो : अमर उजाला
बस्ती जिले के रहने वाले मोहम्मद हनीफ तीन दशक पहले तमकुहीराज कस्बे के पशु अस्पताल में स्टॉक मैन थे। बाद में शादीशुदा हनीफ ने यहीं की एक युवती से शादी कर गुदरी मोहल्ले में जमीन खरीदकर मकान बनवा लिया। 

 
Kushinagar Fake Currency Case Rafi Khan Used Illicit Earnings to Gain Political Influence
Kushinagar Fake Currency Case - फोटो : अमर उजाला
दूसरी पत्नी से रफी खान समेत दो बेटे हुए। रफी का भाई असमय चल बसा था। रफी की पढ़ाई तमकुहीराज के शिशु मंदिर, भटवलिया के फतेह मेमोरियल इंटर कॉलेज और सेवरही के किसान पीजी कॉलेज से हुई।
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Kushinagar Fake Currency Case Rafi Khan Used Illicit Earnings to Gain Political Influence
Kushinagar Fake Currency Case - फोटो : अमर उजाला
पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी रफी पर आ गई। शुरुआती दिनों में आमदनी बहुत कम थी और परिवार मुफलिसी के दौर से गुजरने लगा। रफी हाईवे के गाजीपुर स्थित सेल्स टैक्स बैरियर के फॉर्म दफ्तर में काम करने लगा। 
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आरोपियों के पास से बरामद नेपाली मुद्रा - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
वह सामान लदे भारी वाहनों का प्रपत्र भर कर बिहार, आसाम, बंगाल आदि स्थानों पर भेजने का काम करता था। इसके बाद ट्रांसपोर्ट के धंधे में घुसा तो बिहार में उसकी पकड़ बढ़ती गई। उसने वैध-अवैध कामों से कमाई शुरू कर दी।
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