Kushinagar Crime News: कुशीनगर के हाटा के पैकौली गांव के लाला टोला में शादी में डीजे की आवाज और इससे उपजे विवाद की ज्वाला ऐसी भड़की कि खूनी वारदात ने दो परिवार के बीच रिश्तों की नींव तैयार होने से पहले ही दरक गई। जिस मंडप से मंगल ध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच घर की बेटी की डोली उठनी थी वहां से दुल्हन के बड़े भाई की उठी अर्थी ने गांव के माहौल को गमगीन कर दिया।
मंगलगीत के बीच अचानक मची चीख-पुकार सुनकर पहुंचे गांव वालों को झकझोर दिया। लोगों ने बदलते परिवेश में शादियों के बदलते स्वरूप को इस घटना की वजह बताई। हाटा कोतवाली क्षेत्र के पैकौली गांव के लाला टोला निवासी लालमोहन पासवान के घर देवरिया के रुद्रपुर से बरात आई थी।
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अजय का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
द्वारपूजा, जयमाल संपन्न होने के साथ पूरा परिवार बरातियों के आतिथ्य सत्कार में मशगूल था। माली हालत ठीक न होने के बावजूद बेटी की शादी में शौक के साथ सारे संसाधन की व्यवस्था की थी। घर के बाहर ही एक तरफ मंडप, एक तरफ जयमाल और एक कोने में डीजे स्थापित किया गया था।
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मृतक के घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
थोड़े देर के लिए डीजे रोकने का किया था आग्रह
डीजे और मंडप ठीक सामने होने के कारण जब मंडप में देर रात 12 बजे मुहूर्त के साथ शादी का श्रीगणेश हुआ तो आचार्य ने मंत्रोच्चार में व्यवधान आने की बात कहते हुए थोड़े देर के लिए डीजे रोकने का आग्रह किया। इसपर लड़की के भाई अजय पासवान ने वर पक्ष के लोगों से आग्रह किया तो वह उग्र हो गए। बात-बात में हाथापाई शुरू हो गई।
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मृतक के घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अधूरे अरमान के साथ विदा हो गया अजय
लालमोहन पासवान के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी दूसरे नंबर की है। अजय बड़ा लड़का है। बहन के लिए बड़े भाई अजय पासवान ने बड़े अरमान सजाए थे। अपनी शादी न करते हुए मुंबई में पेंटर का काम किया और बहन को एक अच्छे परिवार में भेजने का अरमान संजोए। एक माह पूर्व मुंबई से लौटे अजय ने अपने छोटे भाई सत्यम के साथ मिलकर बहन की शादी के लिए पाई-पाई जोड़कर पैसे इकट्ठे किए और बुधवार को वह मांगलिक बेला सजी थी। अजय अधूरे अरमान के साथ ही इस धरा से हमेशा के लिए विदा हो गया।
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दूल्हा और दुल्हन
- फोटो : अमर उजाला
बेसुध हुई दुल्हन
पैकौली गांव में गुरुवार को पूरा माहौल गमगीन रहा। एक भाई की मौत और एक की हालात गंभीर होने के बाद बेसुध बहन भाई को याद कर रही है। पिता लालमोहन पासवान को घर की स्थिति के साथ बेटी को ब्याहने का अलग चिंता है।