हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत पवित्र माना जाता है। रुद्राक्ष का आध्यात्मिक और ज्योतिष महत्व होता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव का स्वरुप माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसू से हुई थी।
जानिए किसे नहीं धारण करना चाहिए रुद्राक्ष, कहां पहनना होता है वर्जित
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रुद्राक्ष पहनने से शारीरिक लाभ के साथ मानसिक लाभ भी मिलता है। लेकिन किन लोगों के लिए रुद्राक्ष वर्जित है या किस समय पर रुद्राक्ष को उतार देना चाहिए, इस बारे में कम लोग जानते होंगे। आइए पंडित अवधेश मिश्रा के द्वारा जानते हैं कि किस व्यक्ति को रुद्राक्ष नहीं धारण करना चाहिए एवं किस समय पर रुद्राक्ष पहनना वर्जित होता है।
शराब व मांसाहार करने वालों को नहीं धारण करना चाहिए रुद्राक्ष
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, जो भी व्यक्ति शराब या मांसाहार भोजन करता है, उसे रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए। इससे हानि हो सकती है।
पहन कर न सोएं रुद्राक्ष
सोने से पहले रुद्राक्ष को उतार देना चाहिए। माना जाता है कि सोते समय शरीर अशुद्ध रहता है। यह भी कहा जाता है कि तकिए के नीचे रुद्राक्ष रखकर सोने से आत्मिक शांति मिलती है।
शवयात्रा में पहनकर न जाएं रुद्राक्ष
किसी की शवयात्रा में या श्मशान के लिए रुद्राक्ष धारण करके बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए। इसकी एक प्रमुख वजह है, दरअसल भगवान शिव को जीवन और मृत्यु से परे माना जाता है। इसलिए उनके अंश माने जाने वाले रुद्राक्ष को पहनकर जीवन और मृत्यु से जुड़े स्थानों पर नहीं जाना चाहिए।
जन्म वाले स्थान पर न पहने रुद्राक्ष
घर में जिस जगह पर बच्चों का जन्म हुआ हो, वहां रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए।