आपने यदि टमाटर की खेती की है और काफी मात्रा में पैदावार हुई है तो इसके बर्बाद होने की चिंता बिल्कुल ना करें। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेषज्ञ टमाटर से प्यूरी बनाने का गुर सिखाएंगे। इस प्यूरी को एक साल तक सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही जब चाहे किसी भी सॉस बनाने वाली कंपनी को बेच सकते हैं। इन दिनों गोरखपुर मंडल के चारों जिलों में टमाटर की अच्छी खासी खेती हो रही है। किसान हाइब्रिड टमाटर के अलावा देसी टमाटर की भी काफी मात्रा में खेती करते हैं।
खेती किसानी: अपने घर में एक साल तक रख सकते हैं टमाटर, नहीं होगा बर्बाद, जानिए कैसे
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इन नंबरों पर फोन करके ले सकते हैं विशेषज्ञों की राय
गोरखपुर (दिनेश चंद्र उपाध्याय) - 6306449502
कुशीनगर (वीरेंद्र प्रसाद) - 8858972721
महराजगंज (राम हर्ष प्रसाद) - 9792957077
देवरिया (दिनेश चंद्र उपाध्याय) - 6306449502
गोरखपुर मंडल में होता एक लाख क्विंटल टमाटर का उत्पादन
अधीक्षक राजकीय उद्यान अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि गोरखपुर मंडल के चारों जिले गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज और देवरिया में कुल मिलाकर तकरीबन 450 हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। इतने रकबे में करीब एक लाख क्विंटल टमाटर का उत्पादन होता है।
ऐसे तैयार होती है टमाटर की प्यूरी
राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के मंडलीय अधिकारी एवं प्रधानाचार्य पवन कुमार ने बताया कि प्यूरी बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर को उबाल कर पल्प निकाल लें। इसके बाद इसमें नमक व रसायन (सोडियम बेंजोएट) मानक के अनुसार मिलाकर बड़े ड्रमों में पैक कर ले। इसे सब्जी में प्रयोग कर सकते है। सॉस निर्माण वाली इकाई को बेच सकते है। पवन कुमार ने बताया कि प्यूरी के निर्माण में सोडियम बेंजोएट की मात्रा नाम मात्र की मिलाई जाती है। सामान्य तौर पर पांच किलो पल्प में केवल एक चुटकी ही सोडियम बेंजोएट की मात्रा काफी हो जाती है। विशेषज्ञ की राय से ही सोडियम बेंजोएट को मिलाना चाहिए अन्यथा यह नुकसानदायक साबित हो सकता है।
टमाटर सॉस को बनाने के लिए टमाटर प्यूरी में अदरख व लहसून, गर्म मसाला शक्कर प्रयोग किया जाता है।