साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को लग रहा है। ग्रहण का समय दोपहर एक बजकर 42 मिनट से शाम छह बजकर 41 मिनट तक है। यह ग्रहण देश में सिर्फ अरुणाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर में कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। बाकी किसी भी राज्य में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। ज्योतिषियों की माने तो ग्रहण कैसा भी हो, उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
Solar Eclipse 2021: जानिए कब लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, क्या बरतनी होंगी सावधानियां
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ग्रहण में बरतें ये सावधानी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण शब्द ही नाकारात्मक है। ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण कहीं भी लगे, दिखाई दे या न दे, लेकिन उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने से बचें। भोजन न बनाएं। धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ ना लगाएं। ग्रहण काल में सोना वर्जित माना जाता है। बालों में कंघी ना करें। ग्रहण के समय दातुन ना करें।
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, ग्रहण के समय बिना भगवान को छुए मन में अपने ईष्ट देव की आराधना करें। ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। ग्रहण की समाप्ति के बाद घर की सफाई कर खुद भी स्नान कर स्वच्छ हो जाएं। स्नान के बाद आटा, चावल आदि खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दान करें।
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चाकू और कैंची का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की घटना को देखने से भी बचना चाहिए। हो सके तो ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें। अगर आप ग्रहण देखती हैं तो गर्भ में पल रहे बच्चे को शारीरिक या मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।
बता दें कि इस साल चार ग्रहण लगने वाले हैं। इसमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होंगे। पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को लगेगा। इसके बाद इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण साल के अंत में चार दिसंबर 2021 को लगेगा। इस साल का पहला चंद्रग्रहण 26 मई को लग चुका है।