गोरखपुर जिले के खजनी के मऊधरमंगल गांव में बवाल व दो लोगों को गोली मारने के पीछे बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच से पता चला कि लखनऊ में तैनात सिपाही व घटना का मुख्य आरोपी प्रमोद यादव बिना छुट्टी लिए ही गोरखपुर आया था। प्रमोद ने अपना मोबाइल फोन ससुराल में छोड़ दिया था। मंशा थी कि गोली मारने के बाद कानूनी झंझटों से बच जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मामले में गिरफ्तार एसएसबी जवान ने भी छुट्टी नहीं ली थी।
खजनी गोलीकांड: बिना छुट्टी घर पर आए थे सिपाही और एसएसबी जवान, मुंगेरी पिस्टल से मारी थी दो को गोली
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस घटना में शामिल तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की जांच के मुताबिक, लखनऊ में तैनात सिपाही प्रमोद यादव ने मुंगेरी अवैध पिस्टल से गोली चलाई थी। दरअसल, गत रविवार को लखनऊ बार एसोसिएशन का चुनाव था। प्रमोद ने चुनाव में अपनी ड्यूटी लगवाई थी। उसे पता था कि तमाम पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी। इस बीच आराम से गोरखपुर जाएगा और घटना को अंजाम देने के बाद अगले दिन तड़के लखनऊ पहुंच जाएगा।
इसी तरह, एसएसबी जवान भागवानदास ने अपने कमांडर से एक रिश्तेदार को देखने के लिए नार्मल रोड स्थित नर्सिंग होम जाने की अनुमति ली थी। इसके पीछे का मकसद भी यही था कि दिन भर में वारदात को अंजाम देने के बाद कैंप में लौट आएगा। साजिश के तहत ही दोनों ने आधिकारिक छुट्टी नहीं ली थी। घटना के बाद दोनों एक साथ भागे थे। भगवानदान एसएसबी स्थित अपने कैंप पहुंच गया।
आरोपियों के साथ खड़ी दिखी पुलिस
शुरुआती जांच में दरोगा बांके यादव व दो अन्य हल्का सिपाहियों की लापरवाही सामने आई है। इसी लिहाज से एसएसपी ने तीनों को निलंबित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भाइयों ने साजिश में पुलिस कर्मियों को सहभागी बनाया था। यही वजह रही कि वारदात की सूचना के बाद भी पुलिस तत्काल मौके पर नहीं पहुंची थी। घटना के बाद जब एसपी नार्थ गांव पहुंचने वाले थे, तब स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई।
गत रविवार को मऊधरमंगल गांव में सुरेमन यादव व प्रमोद यादव के बीच मकान का छज्जा बनाने को लेकर विवाद हुआ था। सुरेमन यादव ने प्रमोद यादव को निर्माण से रोका तो उसने लाठी-डंडे से सुरेमन के परिवार के लोगों पर हमला कर दिया। इसी बीच पिस्टल से गोली मारकर दो लोगों को घायल कर दिया। दो लोग लाठी के हमले से भी घायल हुए थे।
घटना के बाद मुकदमे में नामजद तीसरे आरोपी जय गोविंद यादव को पुलिस ने बुधवार को जेल भिजवा दिया। बवाल के दौरान जय गोविंद घायल हो गया था और मेडिकल कॉलेज में पुलिस कस्टडी में उसका उपचार चल रहा था। आरोपी के ठीक होने पर डॉक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लिखा-पढ़ी में गिरफ्तारी दिखाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस घटना में शामिल तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।