मिलकर लड़ेंगे कोरोना से जंग: उद्योगों की आकांक्षाएं हुईं पूरी, उद्यमियों को बेहतरी की उम्मीद
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छोटे उद्योगों को तत्काल राहत की जरूरत थी। एक महीने से उद्योग बंद थे। इस दौरान बड़ा नुकसान हुआ, फिर भी कर्मचारियों का वेतन दिया गया। बैंकों का ब्याज और बिजली का फिक्स चार्ज जस के तस हैं। हां, कर्ज में राहत जरूर दी गई है। भविष्य के लिहाज से यह कदम अच्छा है। बैंकों से कर्ज लेकर जो उद्योग चला पाएंगे, वह आगे बढ़ेंगे। बड़े उद्योगों के लिए अभी कुछ नहीं आया है।
- चंद्र प्रकाश अग्रवाल, प्रबंध निदेशक गैलेंट समूह
जितनी उम्मीद थी, उस हिसाब नहीं मिल पाया है। बैंकों के ब्याज में छूट की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तीन महीने की छूट मिलती तो उद्योगों को तेज गति से चलाया जा सकता था। आर्थिक पैकेज से उद्योगों की रफ्तार धीमी रहेगी लेकिन लंबे समय और संघर्ष के बाद लोगों को फायदा मिलेगा। कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाना अच्छा कहा जा सकता है। पीपीएफ का भुगतान करना भी अच्छा है। उद्योगों को संभलने में छह महीने का समय लगेगा। एक वर्ष के पीपीएफ के भुगतान की जिम्मेदारी ली जाती तो ज्यादा अच्छा नतीजा सामने आ सकता था।
- ओम प्रकाश जालान, प्रबंध निदेशक जालान कान कास्ट
राहत पैकेज से न सिर्फ सूक्ष्म, छोटे, मझोले और मध्यम उद्योग गति पकड़ सकेंगे बल्कि नए नए उद्योग भी स्थापित होंगे। अगर बैंकिंग सपोर्ट बेहतर ढंग से मिलता है तो इसका फायदा भी जल्द आने लगेगा। ये उद्योग नई नई तकनीक को अपनाएंगे, जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
- अमर तुलस्यान, प्रबंध निदेशक, शुद्ध प्लस एवं नाइन
अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। पैकेज से समस्या का समाधान हो सकेगा। आर्थिक सहयोग भी दिया गया था। अब उद्योग, व्यापार, बिल्डर और कर्मचारियों को आर्थिक पैकेज का तोहफा दिया है। उद्योग स्थापित होंगे या फिर पूरी क्षमता से चलेंगे तो रोजगार विकसित होगा। बेरोजगारी की चुनौती से निपटा जा सकेगा।
- विक्की कुकरेजा, निदेशक न्यू रवि ट्रेडिंग कंपनी
आर्थिक पैकेज से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार एमएसएमई सेक्टर को और ज्यादा मजबूत बनाना चाह रही है। लेकिन सरकार को बड़े उद्योगों के लिए भी पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। साथ ही नए निवेश को कैसे आकर्षित किया जाए इस दिशा में भी कदम उठाने की आवश्यकता है। जब नए निवेश होंगे तब ही प्रधानमंत्री का स्वदेशी का कंसेप्ट ना सिर्फ आगे बढ़ेगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ साबित होगा।
- निखिल जालान निदेशक अंकुर उद्योगएमएसएमई के सामने बहुत बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। उनके सामने न सिर्फ पूंजी की कमी है बल्कि लॉकडाउन के वजह से बंद पड़े उद्योगों को फिर से चलाने के लिए नए सिरे से कवायद करने की जरूरत है। वित मंत्री की ओर से आर्थिक पैकेज का जो ब्यौरा दिया गया है वह काफी हद तक उद्योगों के लिए राहत भरा कदम साबित होगा। इसमें जो 200 करोड़ रुपये तक के टेंडर को ग्लोबल नहीं करने की बात कही गई है। इससे देश की कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।
- एसके अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
भले ही उद्योगों को डायरेक्ट बेनिफिट नहीं दिया गया है, लेकिन आर्थिक पैकेज उद्योगों को नई गति प्रदान करेगा। एमएसएमई सेक्टर को ब्याज रहित एक साल का लोन देने के प्रस्ताव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बाजार में पूंजी का सरकुलेशन बढ़ेगा। इससे देश की ठहरी हुई अर्थव्यवस्था न सिर्फ चल पड़ेगी बल्कि आने वाले साल डेढ़ साल में रफ्तार भी पकड़ लेगी।
- आरएन सिंह निदेशक वेल्ड इंडिया
मेक इन इंडिया का संकल्प पूरा होगा
भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम आगे बढ़ा दिए हैं। आर्थिक पैकेज मेक इन इंडिया के संकल्प को पूरा करेगा। स्वदेशी को बढ़ावा मिलेगा। -कामेश्वर सिंह, प्रदेश मंत्री भाजपा