उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल इसी माह 15 नवंबर के बाद शुरू होगा। इसके लिए कॉलेज प्रशासन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। तीन सदस्यीय कमेटी भी बना दी गई है। अब कॉलेज प्रशासन को दो हजार से अधिक वालंटियर की तलाश है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
कोरोना के कोवैक्सीन को आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) और भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार किया गया है। इसके दो फेज का ट्रॉयल जिले में पूरा हो चुका है। पहले फेज में आठ और दूसरे फेज में 14 वॉलंटियर को वैक्सीन लगाई गई थी।
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कोरोना वायरस वैक्सीन
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वैक्सीन लगाने के बाद लगातार 42 दिन तक इन वॉलंटियर की निगरानी की गई। सभी वॉलंटियर अब तक स्वस्थ मिले हैं। इसके बाद तीसरे फेज के ट्रायल के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज का चयन किया गया है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
कॉलेज प्रशासन को वैक्सीन के ट्रायल के लिए दो हजार से अधिक वॉलंटियर की जरूरत है। इसमें सभी आयु वर्गों के लोगों को शामिल किया जाना है। बताया जा रहा है कि तीसरे फेज के ट्रायल के बाद आईसीएमआर नए साल में वैक्सीन को लांच कर सकता है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार। (file)
- फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि पहले अक्तूबर में ही ट्रायल होना था, लेकिन शासन की ओर से समय और बढ़ा दिया गया है। ट्रायल के लिए दो हजार से अधिक वॉलंटियर की जरूरत है। इसी माह 15 नवंबर के बाद ट्रायल शुरू होगा।